सागर जिले में शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और अभिभावक-हितैषी बनाने की दिशा में जिला प्रशासन और निजी स्कूल संचालकों के बीच रविवार को महत्वपूर्ण संवाद हुआ। बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए, जिनसे हजारों अभिभावकों और विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।
बैठक में कलेक्टर संदीप जीआर सहित पुलिस अधीक्षक विकास शाहवाल, जिला पंचायत सीईओ विवेक केवी, एसडीएम अमन मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन, डीपीसी गिरीश मिश्रा तथा जिले के सभी निजी स्कूल संचालक उपस्थित रहे।
🛍️ अब कहीं से भी खरीद सकेंगे किताबें और यूनिफॉर्म
अक्सर अभिभावकों की शिकायत रहती थी कि उन्हें विशेष दुकानों से ही महंगी किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने स्पष्ट निर्णय लिया है कि:
- अभिभावक अब अपनी सुविधा अनुसार किसी भी दुकान से किताबें और यूनिफॉर्म खरीद सकेंगे।
- किसी विशेष दुकान से सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
- प्रत्येक स्कूल अपने रिसेप्शन पर यूनिफॉर्म का सैंपल मॉडल प्रदर्शित करेगा।
इस व्यवस्था से अभिभावक कपड़े की गुणवत्ता, रंग और पैटर्न का मिलान कर बाजार में उचित दाम पर सामग्री खरीद सकेंगे। इससे शिक्षा पर होने वाला अनावश्यक आर्थिक बोझ कम होगा।
📖 स्कूलों में शुरू होगा बुक एक्सचेंज प्रोग्राम
महंगी किताबों की समस्या से राहत देने के लिए जिले के स्कूलों में “बुक एक्सचेंज प्रोग्राम” शुरू किया जाएगा।
योजना की प्रमुख बातें:
- स्कूल स्तर पर पुस्तक मेलों का आयोजन किया जाएगा।
- वरिष्ठ छात्र अपनी पुरानी किताबें जूनियर छात्रों को दे सकेंगे।
- जरूरतमंद विद्यार्थियों को कम लागत या निशुल्क किताबें उपलब्ध हो सकेंगी।
- कागज की बचत से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
जो विद्यार्थी अपनी किताबें दान या भेंट करेंगे, उन्हें विद्यालय परिवार की ओर से प्रमाण पत्र, बैज या प्रोत्साहन पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी और सहयोग की भावना विकसित होगी।
🎓 मेधावी छात्रों को मिलेगी NEET-JEE की कोचिंग

बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय “उड़ान योजना” के तहत लिया गया। इसके अनुसार:
- जिले के मेधावी छात्रों को स्कूल परिसर में ही विशेष कोचिंग दी जाएगी।
- उन्हें National Eligibility cum Entrance Test (NEET) और Joint Entrance Examination (IIT-JEE) जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाएगा।
- विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा मार्गदर्शन और विशेष कक्षाएं संचालित होंगी।
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बड़े शहरों की महंगी कोचिंग पर निर्भरता से मुक्त करना है।
💰 नए सत्र में फीस वृद्धि नहीं
संवाद के दौरान निजी स्कूल संचालकों ने नए शैक्षणिक सत्र में फीस में बढ़ोतरी नहीं करने पर सहमति दी। यह निर्णय अभिभावकों के लिए बड़ी राहत साबित होगा, खासकर वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए।
📌 शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की ओर कदम
जिला प्रशासन का यह कदम शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
- अभिभावकों को आर्थिक राहत
- विद्यार्थियों को समान अवसर
- पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा
- मेधावी छात्रों को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी
इन निर्णयों से सागर जिले में शिक्षा का माहौल और अधिक सकारात्मक और संतुलित बनने की उम्मीद है।