प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वोकल फॉर लोकल की परिकल्पना और सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत स्थानीय उद्यमियों और शिल्पकारों को बढ़ावा देने के लिए सागर में संस्कृति एग्जीबिशन का आयोजन किया गया।
यह आयोजन सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं बल्कि “सृजन, स्वरोजगार और सशक्तिकरण का उत्सव” बनकर उभरा।

उद्घाटन समारोह
इस दो दिवसीय प्रदर्शनी का उद्घाटन नरयावली विधायक इंजी. प्रदीप लारिया और महापौर संगीता तिवारी ने संयुक्त रूप से किया।
उद्घाटन अवसर पर विधायक लारिया ने कहा –
“यह प्रदर्शनी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके हुनर को पहचान दिलाने का प्रशंसनीय प्रयास है। यहाँ की अभूतपूर्व विविधता दर्शकों को न सिर्फ आकर्षित करती है बल्कि स्थानीय उत्पादों के सम्मानजनक भविष्य की नींव भी रखती है। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है।”

आयोजन की खासियत
इस प्रदर्शनी का संचालन सुष्मिता ठाकुर और शालिनी समैया ने किया, जिन्होंने आयोजन को कला और संस्कृति के अनूठे संगम में बदल दिया।
- एग्जीबिशन में तीज थीम पर आधारित उपहार और गतिविधियाँ शामिल की गईं।
- फैशन, फूड, हैंडमेड प्रोडक्ट्स, होम डेकोर, हस्तशिल्प और अन्य कई रचनात्मक स्टॉल ने आगंतुकों का ध्यान खींचा।
- महिलाओं और युवा उद्यमियों द्वारा तैयार की गई वस्तुएँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
सामाजिक सशक्तिकरण का संदेश
यह प्रदर्शनी न केवल व्यापारिक मंच बनी बल्कि महिलाओं, युवाओं और कमजोर वर्गों को सम्मानजनक पहचान दिलाने का जरिया भी बनी।
आयोजकों ने बताया कि “वोकल फॉर लोकल” की यह पहल स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सार्थक योगदान साबित होगी।