सागर में सड़क दुर्घटना में मृत पुलिस आरक्षक प्रदीप रैकवार का अंतिम संस्कार:

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सागर, 03 सितंबर 2025: सागर जिले के रहली थाना क्षेत्र के ग्राम काछी पिपरिया निवासी पुलिस आरक्षक प्रदीप रैकवार (26) की रविवार को दमोह जिले में एक सड़क दुर्घटना में दुखद मृत्यु हो गई। सोमवार को उनका शव उनके पैतृक गांव काछी पिपरिया लाया गया, जहां पुलिस सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दुखद घटना ने उनके परिवार, गांव और पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ा दी है। प्रदीप अपने पीछे ढाई साल के मासूम बेटे और परिवार को छोड़ गए हैं।

जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर दमोह जिले के बनगांव-लुहारी मार्ग पर एक अज्ञात वाहन ने प्रदीप रैकवार की बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। प्रदीप उस समय दमोह में आयोजित पुलिस विभाग की ट्रेनिंग में भाग लेकर वापिस लौट रहे थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि प्रदीप गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल प्रदीप को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी मृत्यु हो गई।

दमोह पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया, और पुलिस CCTV फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर उसकी पहचान करने में जुटी है।

पोस्टमॉर्टम के बाद सोमवार को प्रदीप रैकवार का शव उनके पैतृक गांव काछी पिपरिया लाया गया। यहां पुलिस विभाग ने पूरे सम्मान के साथ उनकी अंतिम यात्रा का आयोजन किया। अंतिम संस्कार के दौरान सागर और दमोह जिले के पुलिस अधिकारियों और जवानों ने प्रदीप को सलामी दी। इस दौरान गांव में गमगीन माहौल था, और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।

अंतिम यात्रा में स्थानीय भाजपा नेता अभिषेक भार्गव, रहली नगर पालिका अध्यक्ष देवराज सोनी, और अन्य गणमान्य नागरिक शामिल हुए। सभी ने प्रदीप को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवार को सांत्वना दी। नेताओं ने परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया, जिसमें आर्थिक सहायता और अन्य सहयोग शामिल है।

प्रदीप रैकवार पिछले छह वर्षों से मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में सेवारत थे। पिछले एक साल से वे दमोह जिले के रनेह थाने में कोर्ट मोहर्रर के रूप में कार्यरत थे। उनके सहकर्मियों के अनुसार, प्रदीप एक कर्तव्यनिष्ठ और मेहनती पुलिसकर्मी थे, जिन्होंने अपने काम के प्रति हमेशा समर्पण दिखाया। उनकी अचानक मृत्यु ने पुलिस विभाग में भी शोक की लहर पैदा की है।

प्रदीप रैकवार अपने पीछे एक ढाई साल का मासूम बेटा, पत्नी, और माता-पिता छोड़ गए हैं। परिवार के लिए यह नुकसान असहनीय है, क्योंकि प्रदीप घर के प्रमुख कमाने वाले सदस्य थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रदीप अपने परिवार और गांव में बेहद सम्मानित थे। उनकी मृत्यु की खबर सुनकर गांव में शोक की लहर दौड़ गई, और लोग उनके घर सांत्वना देने पहुंचे।

दमोह पुलिस ने इस मामले में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ IPC की धारा 304A (लापरवाही से मृत्यु) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे CCTV कैमरों की जांच कर रही है और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही है। ग्रामीणों और प्रदीप के परिजनों ने मांग की है कि दोषी वाहन चालक को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उसे कड़ी सजा दी जाए।

इस घटना ने सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित किया है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि बनगांव-लुहारी मार्ग पर स्पीड ब्रेकर और ट्रैफिक सिग्नल जैसे उपाय किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

सागर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने प्रदीप के परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। पुलिस विभाग ने भी अपने स्तर पर प्रदीप के परिवार के लिए सहायता की घोषणा की है, जिसमें पेंशन और अन्य लाभ शामिल हैं।

यह हादसा मध्य प्रदेश में बढ़ते सड़क हादसों की गंभीर समस्या को उजागर करता है। हाल के महीनों में दमोह और सागर जैसे जिलों में कई सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें कई लोगों की जान गई है। प्रशासन से अपील की जा रही है कि सड़क सुरक्षा के लिए कड़े नियम लागू किए जाएं और सड़कों की स्थिति में सुधार किया जाए।

प्रदीप रैकवार की मृत्यु ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे समुदाय को गहरा आघात पहुंचाया है। उनके ढाई साल के बेटे और परिवार के लिए यह एक अपूरणीय क्षति है। समाज और प्रशासन की ओर से उनके परिवार को सहायता और न्याय की उम्मीद है।

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