सागर, 18 सितंबर 2025
सागर जिले के दक्षिण वन मंडल देवरी परिक्षेत्र में बुधवार रात सागौन तस्करों ने वनकर्मी पर जानलेवा हमला कर सनसनी फैला दी। गश्त के दौरान रोकने पर आरोपियों ने वनकर्मी के सिर पर बंदूक की बट से वार कर दिया और सागौन की लकड़ी व बाइक लेकर मौके से फरार हो गए। घायल वनकर्मी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

कैसे हुआ हमला?
फरियादी वनकर्मी राज बहादुर सिंह ने पुलिस को बताया कि बुधवार रात करीब 2 बजे वे अपने साथी उमाशंकर के साथ बघवारा बीट में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने देखा कि कुछ लोग बाइक पर अवैध रूप से सागौन की लकड़ी ले जा रहे हैं।
- जब वनकर्मियों ने उन्हें रोककर पूछताछ की, तो आरोपी उलझ पड़े।
- तभी दूसरी बाइक पर सवार दो और लोग वहां पहुंच गए।
- चारों आरोपियों ने मिलकर गाली-गलौज की और धमकाना शुरू किया।
- इसके बाद एक आरोपी ने अपनी बंदूक की बट से राज बहादुर सिंह के सिर पर वार कर दिया, जिससे वे लहूलुहान हो गए।
हमले के बाद आरोपी मौके से लकड़ी और बाइक समेत फरार हो गए।
मौके पर अफरा-तफरी, वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और महाराजपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंचे। घायल वनकर्मी ने थाने जाकर तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।
वन विभाग की शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि सागौन तस्करी का बड़ा नेटवर्क देवरी क्षेत्र में सक्रिय है।
संदिग्ध फर्नीचर शॉप पर छापा
वारदात के बाद वन विभाग की टीम ने देवरी के खड़ेराव वार्ड स्थित एक फर्नीचर शॉप पर छापा मारा। यहां रखी गई लकड़ी की जांच की जा रही है ताकि पता लगाया जा सके कि वह अवैध कटान से लाई गई है या नहीं। अधिकारियों को संदेह है कि यही शॉप तस्करी किए गए सागौन की खरीद-फरोख्त का अड्डा हो सकता है।
पुलिस ने दर्ज किया केस, आरोपियों की तलाश जारी
महाराजपुर पुलिस ने फरियादी वनकर्मी की शिकायत पर मारपीट, सरकारी काम में बाधा और अवैध लकड़ी तस्करी की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस और वन विभाग की टीमें संयुक्त रूप से आरोपियों की पहचान में जुटी हुई हैं और जल्द ही गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है।
लगातार बढ़ रही है सागौन तस्करी
सागर और आसपास के जंगलों में सागौन की अवैध कटाई और तस्करी लंबे समय से चिंता का विषय रही है। वनकर्मियों पर हमला नई बात नहीं है, लेकिन बंदूक की बट से हमला यह दर्शाता है कि तस्कर अब और ज्यादा निर्भीक और संगठित हो गए हैं।