रायपुर निवासी अमित बघेल द्वारा सोशल मीडिया पर भगवान झूलेलाल वरुणदेव और महाराजा अग्रसेन जी के प्रति अभद्र एवं आपत्तिजनक टिप्पणी करने के बाद मध्यप्रदेश के सागर में सिंधी समाज के बीच तीव्र आक्रोश व्याप्त है। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली इस टिप्पणी के विरोध में भारतीय सिन्धु सभा (मध्यप्रदेश) शाखा सागर ने गुरुवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर सागर के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें आरोपी के खिलाफ धार्मिक उन्माद फैलाने, सामाजिक एकता भंग करने और राष्ट्रद्रोह जैसी गंभीर धाराओं में FIR दर्ज करने की मांग की गई।

✳ समाज में गहरा रोष, कहा — “धार्मिक आस्था पर हमला बर्दाश्त नहीं”
ज्ञापन सौंपने के बाद भारतीय सिन्धु सभा के पदाधिकारियों और सिंधी समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि अमित बघेल द्वारा की गई टिप्पणी केवल सिंधी समाज के आराध्य भगवान झूलेलाल का अपमान नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की धार्मिक आस्था पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द के लिए ऐसे कृत्य बेहद खतरनाक हैं, जिन्हें किसी भी परिस्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

सभा ने इस पूरे प्रकरण को सोच-समझकर किया गया धार्मिक उन्माद फैलाने का प्रयास बताया। पदाधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया जैसे मंच का इस्तेमाल किसी धर्म, समाज या देवी-देवता के प्रति अपमानजनक टिप्पणी के लिए करना अत्यंत निंदनीय है और इसके लिए कड़ी कार्रवाई जरूरी है।
✳ भारतीय सिन्धु सभा ने जताई गहरी नाराजगी
भारतीय सिन्धु सभा (म.प्र.) शाखा सागर के प्रतिनिधियों ने कहा कि भगवान झूलेलाल सिंधी समाज के आराध्य देवता हैं, जिनकी पूजा और श्रद्धा विश्वभर के सिंधी समुदाय द्वारा की जाती है। उनके प्रति अभद्र टिप्पणी कर आरोपी ने न केवल सिंधी समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, बल्कि देशभर में असंतोष और आक्रोश का माहौल उत्पन्न किया है।

सभा ने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल एक समाज का नहीं, बल्कि देश के संवैधानिक मूल्यों और धार्मिक स्वतंत्रता पर भी सवाल खड़ा करता है।
✳ अग्रवाल समाज ने भी जताया विरोध
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि अमित बघेल की टिप्पणी केवल सिंधी समाज तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने अग्रवाल समाज के आराध्य महाराजा अग्रसेन जी पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की। अग्रसेन जी, जिन्हें समाज में त्याग, सेवा और एकता के प्रतीक के रूप में पूजनीय माना जाता है, उनके प्रति ऐसी टिप्पणी कर आरोपी ने समाज की भावनाओं को भड़काने का प्रयास किया है।
भारतीय सिन्धु सभा ने प्रशासन से मांग की कि इस मामले को धर्म विशेष के प्रति द्वेष फैलाने वाला अपराध मानते हुए आरोपी पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार की धार्मिक असहिष्णुता दिखाने की हिम्मत न कर सके।
✳ कलेक्टर को सौंपा गया ज्ञापन, त्वरित कार्रवाई की मांग
ज्ञापन सौंपते समय समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर धर्म और देवी-देवताओं के खिलाफ चल रहे इस तरह के अपमानजनक ट्रेंड्स पर रोक लगाने की सख्त जरूरत है। उन्होंने कलेक्टर से आग्रह किया कि तत्काल इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया जाए और उचित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए।
सभा ने यह भी मांग रखी कि ऐसे मामलों में जिला प्रशासन सोशल मीडिया निगरानी तंत्र (Social Media Monitoring Cell) को और अधिक सक्रिय करे, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
✳ सभा ने कहा — “धर्म और समाज की एकता में दरार डालने की साजिश”
सभा के वरिष्ठ सदस्यों ने कहा कि देश की ताकत उसकी धार्मिक सहिष्णुता और सामाजिक एकता में है। किसी भी व्यक्ति द्वारा धर्म या आस्था के विरुद्ध की गई टिप्पणी केवल एक समुदाय को नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की एकता को चुनौती देती है।
सभा ने कहा कि सिंधी समाज सदा से देश की प्रगति, व्यापार, शिक्षा और सामाजिक सेवा में अग्रणी रहा है। ऐसे समाज को लक्षित कर की गई यह टिप्पणी एक सोची-समझी साजिश लगती है, जिसका उद्देश्य समाजों के बीच भ्रम और वैमनस्य फैलाना है।
✳ आरोपी पर लगे राष्ट्रद्रोह और धार्मिक उन्माद फैलाने की धाराएं
ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई कि आरोपी अमित बघेल पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 153-A (धार्मिक सौहार्द बिगाड़ना), 295-A (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना), 505 (जनसामान्य में भय या अफवाह फैलाना) और 124-A (राष्ट्रद्रोह) सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में FIR दर्ज की जाए।
सभा ने कहा कि यदि प्रशासन शीघ्र कार्रवाई नहीं करता, तो समाज शांतिपूर्ण प्रदर्शन, रैली और आंदोलन के माध्यम से अपनी मांगें और मजबूती से रखेगा।
✳ “सिंधी समाज कानून का सम्मान करता है, पर अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा”
सभा ने कहा कि सिंधी समाज सदैव कानून और संविधान का सम्मान करने वाला समाज रहा है, लेकिन धर्म और आस्था के अपमान पर वह चुप नहीं बैठेगा। यह केवल एक व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं की नहीं, बल्कि पूरे समुदाय के सम्मान और अस्तित्व की रक्षा का प्रश्न है।
सभा ने यह भी कहा कि इस मामले को देश के अन्य हिस्सों में भी उठाया जाएगा ताकि प्रशासन इस पर राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान दे।
✳ सैकड़ों समाजजन पहुंचे कलेक्टोरेट
ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में सिंधी समाज के सदस्य, महिला मंडल, युवा विंग और शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में नारे लगाते हुए कहा — “भगवान झूलेलाल का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान!”
सभा ने शांति बनाए रखते हुए अपना विरोध दर्ज कराया और कहा कि प्रशासन शीघ्र न्याय सुनिश्चित करे।
✳ प्रशासन ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन लेने पहुंचे अधिकारियों ने समाज के प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच की जा रही है और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार जल्द कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर इस तरह की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है और भविष्य में किसी भी प्रकार का धार्मिक वैमनस्य फैलाने वाला कंटेंट बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।