सागर (मध्य प्रदेश) — माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य 22 फरवरी से सागर में शुरू किया जाएगा। यह कार्य उत्कृष्ट विद्यालय समन्वय संस्था में किया जाएगा, जहां पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों और प्रशासनिक निगरानी में संपन्न होगी।
🔎 कड़ी निगरानी में होगा मूल्यांकन कार्य
कलेक्टर संदीप जीआर ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक केवी को इस कार्य के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। वहीं व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन और समन्वय संस्था के प्राचार्य सुधीर तिवारी को सौंपी गई है।
जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन ने बताया कि मंडल के निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाएगा। पहले चरण में लगभग 36 हजार उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाएगा।
📵 मोबाइल मुक्त रहेगा मूल्यांकन केंद्र

मूल्यांकन की गोपनीयता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए केंद्र को मोबाइल मुक्त क्षेत्र घोषित किया गया है।
- शिक्षकों को अपना मोबाइल निर्धारित स्थान पर जमा करना होगा।
- मूल्यांकन कार्य पूर्ण होने के बाद ही मोबाइल वापस मिलेगा।
इसका उद्देश्य जांच प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की जानकारी के आदान-प्रदान या व्यवधान को रोकना है।
💰 बढ़ा मानदेय और कॉपियों की संख्या
मूल्यांकन कार्य को तेजी देने के लिए मंडल ने कॉपियों की संख्या और मानदेय में बदलाव किया है।
✏️ प्रतिदिन जांच की नई सीमा
- पहले: न्यूनतम 30 कॉपियां प्रतिदिन
- अब: न्यूनतम 45 और अधिकतम 60 कॉपियां प्रतिदिन
💵 प्रति कॉपी मानदेय
- कक्षा 10वीं: 15 रुपए (पहले 12 रुपए)
- कक्षा 12वीं: 16 रुपए (पहले 13 रुपए)
🚍 दैनिक भत्ता
- बाहर से आने वाले शिक्षक: 180 रुपए
- स्थानीय शिक्षक: 120 रुपए
इस बदलाव का उद्देश्य परीक्षा परिणाम समय पर घोषित करना है ताकि छात्र अगले सत्र की तैयारी समय से शुरू कर सकें।
📲 डिजिटल मॉनिटरिंग और एप से उपस्थिति
नई व्यवस्था के तहत मूल्यांकनकर्ताओं की उपस्थिति अब विशेष मोबाइल एप के माध्यम से दर्ज की जाएगी।
- केंद्र पर पहुंचते ही उपस्थिति दर्ज करनी होगी।
- ड्यूटी समाप्ति पर यह जानकारी भी देनी होगी कि दिनभर में कितनी कॉपियां जांची गईं।
साथ ही सभी कक्षाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी संस्था के कंट्रोल रूम और भोपाल स्थित मंडल कार्यालय से की जाएगी।
🎯 उद्देश्य
- मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता
- गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करना
- परिणाम समय पर घोषित करना
- आधुनिक तकनीक के माध्यम से सटीक मॉनिटरिंग
इस प्रकार सागर जिले में बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन कार्य को सुव्यवस्थित और तकनीक आधारित बनाया गया है, जिससे छात्रों को समय पर परिणाम मिल सके।