सागर ,स्तरीय बैठक में कमिश्नर अनिल सुचारी के कड़े निर्देश, शासकीय योजनाओं में किसी भी देरी पर होगी जवाबदेही तय !

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सागर। संभाग कमिश्नर श्री अनिल सुचारी ने सोमवार को आयोजित संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में सभी विभागीय अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि शासकीय योजनाओं के लाभ में देरी अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आम नागरिकों और विद्यार्थियों तक सुविधाएँ समय पर पहुँचना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसके क्रियान्वयन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


शिक्षा व जनजाति कार्य विभाग को दिए निर्देश – स्कूलों व छात्रावासों का औचक निरीक्षण करें

कमिश्नर सुचारी ने बैठक में शिक्षा और जनजाति कार्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति नियमित बनी रहे तथा विद्यार्थियों को मिलने वाली सभी सुविधाएँ—

  • छात्रवृत्ति
  • पुस्तकें
  • गणवेश
  • साइकिल
    समय पर वितरित हों।

उन्होंने विशेष जोर देते हुए कहा कि अधिकारी केवल कागजी रिपोर्टों पर निर्भर न रहें। छात्रावासों में स्वच्छता, सुरक्षा और भोजन की गुणवत्ता को प्रत्यक्ष रूप से देखने के लिए औचक निरीक्षण नियमित रूप से करें। इसके लिए एक विशेष कार्ययोजना तैयार कर लागू की जाए ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न बचे।


छात्रवृत्ति व प्रोत्साहन योजनाओं का समय पर वितरण सुनिश्चित करें

कमिश्नर ने संभाग के सभी पात्र छात्रों को निःशुल्क साइकिल और गणवेश की राशि शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि गांव की बेटी, प्रतिभा किरण और अन्य प्रोत्साहन योजनाओं की छात्रवृत्ति समय पर छात्राओं के बैंक खातों में पहुँचे।

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लंबित प्रकरणों का तत्काल सत्यापन कर आगे की प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश भी बैठक में दिए गए।
साथ ही—

  • जिन छात्रों का एनपीसीआई लिंकिंग लंबित है, उसे जल्द पूरा कराने,
  • तथा डबल कोर्स में पंजीकृत छात्रों की जांच कर सूची तैयार करने के निर्देश जारी किए गए।

सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों पर नाराजगी – संतुष्टिपूर्ण निराकरण आवश्यक

कमिश्नर सुचारी ने सीएम हेल्पलाइन के लंबित और असंतोषजनक तरीके से हल किए गए प्रकरणों पर गहरी नाराजगी जताई।
उन्होंने स्पष्ट कहा—

“शिकायतों का केवल निवारण नहीं, बल्कि संतुष्टिपूर्ण समाधान अनिवार्य है।”

उन्होंने एल-1 और एल-2 अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा सौ दिनों से अधिक लंबित शिकायतों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए।


पेंशन धारकों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए

आयुक्त ने वृद्धजन, दिव्यांगजन और विधवा पेंशन से जुड़े सभी प्रकरणों को प्राथमिकता से निराकृत करने को कहा।
उन्होंने कहा कि सिस्टम की वजह से कोई भी व्यक्ति पेंशन पाने से वंचित या परेशान न रहे।


एससी-एसटी अत्याचार पीड़ितों के लिए संवेदनशीलता जरूरी

कमिश्नर ने निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के अत्याचार पीड़ितों के लिए राहत राशि वितरण में किसी भी प्रकार की देरी अस्वीकार्य है।
उन्होंने कहा कि—

“पीड़ितों को राहत राशि सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ और पूर्ण पारदर्शिता से दी जाए।”


बस्ती विकास कार्यक्रम—निर्धारित समय में उच्च गुणवत्ता का कार्य पूरा करें

बैठक के दौरान कमिश्नर ने बस्ती विकास कार्यक्रम के अंतर्गत जारी निर्माण कार्यों की समीक्षा की और निर्देश दिए कि सभी काम—

  • समय पर
  • उच्च गुणवत्ता
    के साथ पूरे किए जाएँ।

उन्होंने कहा कि निर्माण की गुणवत्ता पर किसी भी स्तर पर कोताही पाए जाने पर संबंधित एजेंसी व अधिकारी पर कार्रवाई तय होगी।

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