पीथमपुर। औद्योगिक नगर पीथमपुर के एकमात्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पिछले दो महीनों से ऑपरेशन से प्रसूति (सीज़ेरियन डिलीवरी) की सुविधा बंद पड़ी है। एनेस्थीसिया डॉक्टर की अनुपलब्धता के चलते गंभीर गर्भवती महिलाओं को धार, इंदौर या निजी अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है, जिससे जच्चा और बच्चा दोनों की जान को खतरा बना रहता है।
करीब तीन महीने पहले इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑपरेशन से प्रसूति की सुविधा शुरू की गई थी। इसका लाभ विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिक और गरीब मजदूर परिवारों को मिल रहा था। लेकिन बीते दो महीनों से यह सुविधा ठप है, जिससे क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।



अस्पताल में आधुनिक और सुसज्जित ऑपरेशन थिएटर के साथ सभी आवश्यक उपकरण मौजूद हैं। शुरुआत में बाहर से एनेस्थीसिया विशेषज्ञ बुलाकर ऑपरेशन किए जा रहे थे, लेकिन आकस्मिक स्थिति में डॉक्टरों की समय पर उपलब्धता नहीं हो पाने के कारण ऑपरेशन से डिलीवरी का कार्य पूरी तरह बंद कर दिया गया।
इसका सीधा असर गरीब और मजदूर वर्ग पर पड़ रहा है, जिन्हें मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है, जहां ऑपरेशन से प्रसूति पर हजारों रुपये खर्च हो रहे हैं। कई मामलों में गंभीर स्थिति होने पर मरीजों को लंबी दूरी तय कर इंदौर रेफर करना पड़ता है, जिससे जोखिम और बढ़ जाता है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सक डॉ. अजय ग्रेवाल ने बताया कि शुरुआत में बाहर से एनेस्थीसिया डॉक्टर बुलाकर काम चलाया जा रहा था, लेकिन ऑन-कॉल डॉक्टर समय पर उपलब्ध नहीं हो पाते थे। उन्होंने स्वीकार किया कि इसी कारण गंभीर गर्भवती महिलाओं को इंदौर रेफर करना पड़ता है।
डॉ. ग्रेवाल ने बताया कि अस्पताल में सभी सुविधाएं होने के बावजूद एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के अभाव में ऑपरेशन संभव नहीं हो पा रहे हैं। इस समस्या को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजा गया है और जल्द ही स्थायी एनेस्थीसिया डॉक्टर की तैनाती की उम्मीद है।