सिवनी में EOW की बड़ी कार्रवाई: ग्राम पंचायत पलारी के सरपंच 15 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार !

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सिवनी। जिले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) जबलपुर की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत पलारी के सरपंच रामगोपाल डेहरिया को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई सोमवार शाम करीब 4 बजे बस स्टैंड के पास की गई, जहां शिकायतकर्ता से पैसे लेते ही EOW की टीम ने सरपंच को दबोच लिया। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता शिवचरण नागवंशी पिछले चार से पांच वर्षों से पलारी गांव में एक छोटी सी टपरिया बनाकर रह रहे हैं। उनके पास रहने के लिए कोई स्थायी मकान नहीं है, इसलिए उन्होंने गांव में अस्थायी रूप से टपरिया बनाकर अपना गुजारा कर रहे हैं। समय के साथ उनकी टपरिया जर्जर हो गई थी और वे उसकी मरम्मत कराना चाहते थे।

शिवचरण ने बताया कि जब उन्होंने अपनी टपरिया की मरम्मत कराने के लिए पंचायत से अनुमति या सहयोग की बात की, तो ग्राम पंचायत पलारी के सरपंच रामगोपाल डेहरिया ने उनसे इसके बदले 15 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर दी। आर्थिक रूप से कमजोर शिवचरण के लिए इतनी बड़ी रकम देना संभव नहीं था। लगातार हो रही मांग से परेशान होकर उन्होंने इस मामले की शिकायत करने का फैसला किया।

शिकायतकर्ता शिवचरण नागवंशी 2 मार्च को जबलपुर पहुंचे और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद EOW की टीम ने मामले की प्राथमिक जांच की। जांच के दौरान यह पाया गया कि सरपंच वास्तव में शिकायतकर्ता से पैसे की मांग कर रहा था। इसके बाद टीम ने सरपंच को रंगे हाथ पकड़ने के लिए पूरी योजना बनाई।

योजना के तहत सोमवार को शिकायतकर्ता को तय स्थान पर सरपंच को पैसे देने के लिए भेजा गया। बस स्टैंड के पास जैसे ही शिवचरण ने सरपंच रामगोपाल डेहरिया को 15 हजार रुपये की रिश्वत दी, पहले से घात लगाए बैठी EOW की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सरपंच को रंगे हाथों पकड़ लिया। टीम ने मौके पर ही उसके पास से रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी सरपंच को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

EOW अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर रिश्वतखोरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी या जनप्रतिनिधि किसी काम के बदले रिश्वत मांगता है, तो नागरिक बिना डरे इसकी शिकायत करें। शिकायत मिलने पर विभाग द्वारा उचित जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी और लोगों का प्रशासन पर विश्वास भी मजबूत होगा। वहीं EOW की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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