सिविल डिफेंस प्रशिक्षण कार्यशाला: नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन पर विशेष सत्र !

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वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में जब युद्ध और आपदाएं किसी भी देश के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी हैं, ऐसे में नागरिकों को सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और त्वरित प्रतिक्रिया हेतु प्रशिक्षित करना आवश्यक हो गया है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. के मार्गदर्शन में सागर जिले में सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इस कार्यशाला का उद्देश्य आम नागरिकों, विशेष रूप से महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जन अभियान परिषद से जुड़े वॉलंटियर्स को आपदा के समय में सुरक्षा, राहत एवं बचाव के लिए तैयार करना था।


प्रशिक्षण का आयोजन एवं संचालन

कार्यशाला का आयोजन कलेक्टर सभागार, सागर में किया गया, जिसमें अपर कलेक्टर श्री रूपेश उपाध्याय, होमगार्ड डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट श्री संतोष शर्मा, मास्टर ट्रेनर डॉ. अमर कुमार जैन और श्री आनंद मंगल बोहरे द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

प्रशिक्षण में सम्मिलित प्रमुख प्रतिभागी:

  • महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनवाड़ी सहायिकाएं एवं सुपरवाइज़र्स
  • जन अभियान परिषद के सीएमसीएलडीपी छात्र/छात्राएं
  • नवांकुर एवं प्रसफुटन संस्थाओं के सदस्य

प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु

1. नागरिक सुरक्षा एवं युद्धकालीन तैयारी

अपर कलेक्टर श्री उपाध्याय ने बताया कि शांति काल में किया गया प्रशिक्षण युद्ध या आपदा की स्थिति में प्रभावी सिद्ध होता है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित वॉलंटियर्स जनधन की हानि को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

2. आपदाओं की जानकारी एवं प्राथमिक प्रतिक्रिया

होमगार्ड के डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट श्री संतोष शर्मा ने बताया कि नागरिक सुरक्षा के अंतर्गत ऐसे उपाय किए जाते हैं जिससे कम संसाधनों में अधिक से अधिक लोगों की रक्षा संभव हो सके।
उन्होंने प्राकृतिक आपदाएं (भूकंप, बाढ़, आग) तथा मानव निर्मित आपदाएं (युद्ध, ड्रोन हमला, दुर्घटनाएं) जैसी स्थितियों में सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी दी।

3. हवाई हमले एवं ब्लैकआउट प्रक्रिया

वर्तमान भारत-पाकिस्तान जैसे युद्ध संभावित स्थिति का उदाहरण देते हुए सायरन की आवाज़ों और उनके अर्थ, ब्लैकआउट की प्रक्रिया, और नागरिकों को इससे कैसे सुरक्षित किया जाए, इस पर व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

4. प्राथमिक चिकित्सा और बचाव कार्य

आपदा के समय घायल व्यक्तियों को त्वरित चिकित्सा कैसे दी जाए, आग लगने पर क्या उपाय किए जाएं, और आपदा में फंसे लोगों को खोज कर कैसे बचाया जाए, इन बिंदुओं पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

5. सोशल मीडिया का सदुपयोग एवं अफवाह नियंत्रण

डॉ. अमर कुमार जैन ने बताया कि आपदाकाल में सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक उपयोग आवश्यक है। उन्होंने अफवाहों से निपटने की रणनीतियों और सूचना की प्रामाणिकता की पहचान पर बल दिया।

6. जिम्मेदार नागरिक निर्माण

श्री आनंद मंगल बोहरे ने कहा कि ऐसा प्रशिक्षण समाज को न केवल सजग करता है, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा भी देता है। उन्होंने बताया कि सोलर लाइट्स बंद करने जैसी सूक्ष्म क्रियाएं भी युद्धकाल में नागरिक सुरक्षा में बड़ा योगदान देती हैं।


प्रशिक्षण का प्रभाव एवं निष्कर्ष

यह प्रशिक्षण कार्यशाला न केवल एक शैक्षणिक गतिविधि थी, बल्कि यह प्रतिभागियों के मन में आपदा के प्रति सजगता, सुरक्षा और सेवा भावना को जागृत करने वाला अवसर भी रहा।

महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला परियोजना अधिकारी श्री बृजेश त्रिपाठी और जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री केके मिश्रा ने इस कार्यशाला की सराहना करते हुए कहा कि इसे जिले के 11 विकासखंडों में संचालित सीएमसीएलडीपी कक्षाओं में भी दोहराया जाएगा ताकि अधिक से अधिक वॉलंटियर्स को प्रशिक्षित किया जा सके।

ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !

संवाददाता – अर्पित सेन
7806077338, 9109619237

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