जिले में पुलिस अधीक्षक श्री विकाश कुमार शाहवाल के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लोकेश कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में सीसीटीवी पुलिस कंट्रोल रूम द्वारा आमजन की सहायता के लिए निरंतर प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में एक महिला का अत्यंत महत्वपूर्ण बैग मात्र 48 घंटे के भीतर सुरक्षित बरामद कर पुलिस ने अपनी तत्परता, तकनीकी दक्षता और संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, फरियादिया सुधा शिरोठिया, निवासी नवकार कॉलोनी काकागंज, ग्वालियर, दिनांक 2 अप्रैल 2026 को हीराकुंड ट्रेन के माध्यम से सागर पहुंचीं थीं। रेलवे स्टेशन से वे ऑटो में बैठकर अपने घर जा रही थीं। इसी दौरान शहर में एक जुलूस निकलने के कारण ऑटो चालक को अपना मार्ग परिवर्तित करना पड़ा और वह बस स्टैंड की ओर चला गया। इस बीच फरियादिया बस स्टैंड पर उतर गईं और जल्दबाजी में दूसरे ऑटो में बैठकर अपने घर चली गईं, लेकिन उनका बैग पहले ऑटो में ही छूट गया।
घर पहुंचने के बाद जब उन्हें बैग के छूटने का एहसास हुआ, तो वे घबरा गईं क्योंकि बैग में नगद राशि, कपड़े, घर की महत्वपूर्ण चाबियां और एक साइन किया हुआ खाली चेक रखा हुआ था, जो अत्यंत संवेदनशील एवं कीमती था। ऐसी स्थिति में उन्होंने तुरंत थाना गोपालगंज में सूचना दी। वहां से उन्हें सीसीटीवी कंट्रोल रूम सागर भेजा गया, जहां उनकी शिकायत को गंभीरता से लिया गया।
सीसीटीवी कंट्रोल रूम पहुंचने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लोकेश कुमार सिन्हा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और उप निरीक्षक आरकेएस चौहान को बैग की तलाश की जिम्मेदारी सौंपी। फरियादिया की भावनात्मक स्थिति को देखते हुए पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए खोजबीन शुरू कर दी।
उप निरीक्षक आरकेएस चौहान के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया, जिसमें महिला प्रधान आरक्षक रेखा रजक को विशेष रूप से संबंधित ऑटो की पहचान के लिए लगाया गया। टीम ने शहर के विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगालना शुरू किया। यह कार्य अत्यंत चुनौतीपूर्ण था क्योंकि ऑटो का सटीक रूट और समय निर्धारित करना आवश्यक था।
लगातार दो दिनों तक अथक प्रयास करते हुए कंट्रोल रूम टीम ने विभिन्न कैमरों की फुटेज का सूक्ष्म विश्लेषण किया और अंततः संबंधित ऑटो की पहचान करने में सफलता प्राप्त की। इसके बाद ऑटो चालक का पता लगाया गया। थाना कैंट की चीता मोबाइल टीम को तत्काल कार्रवाई के लिए भेजा गया, जहां आरक्षक सौरभ गुप्ता ने ऑटो चालक से संपर्क स्थापित किया।
पूछताछ के दौरान ऑटो चालक ने बैग के बारे में जानकारी दी और उसे सुरक्षित रूप से पुलिस के सुपुर्द कर दिया। बैग को तुरंत सीसीटीवी कंट्रोल रूम लाया गया और उसकी जांच की गई। जांच के दौरान पाया गया कि बैग में रखा सारा सामान सुरक्षित था, जिसमें नगद राशि, चाबियां और विशेष रूप से साइन किया हुआ खाली चेक भी यथावत मौजूद था।
इसके बाद फरियादिया सुधा शिरोठिया को कंट्रोल रूम बुलाकर उनका बैग सौंपा गया। अपना खोया हुआ सामान सुरक्षित वापस पाकर वे भावुक हो गईं और सागर पुलिस की त्वरित कार्रवाई, समर्पण और संवेदनशीलता की जमकर सराहना की। उन्होंने पुलिस टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें इतनी जल्दी बैग वापस मिलने की उम्मीद नहीं थी।
इस पूरी कार्रवाई में उप निरीक्षक आरकेएस चौहान, महिला प्रधान आरक्षक रेखा रजक और आरक्षक सौरभ गुप्ता (चीता मोबाइल, थाना कैंट) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी मेहनत, सूझबूझ और समन्वय के कारण यह कार्य सफल हो सका।
यह घटना इस बात का प्रमाण है कि सागर पुलिस आधुनिक तकनीक और मानवीय संवेदनाओं के समन्वय से कार्य कर रही है। सीसीटीवी नेटवर्क का प्रभावी उपयोग कर न केवल अपराधों पर नियंत्रण पाया जा रहा है, बल्कि आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
पुलिस विभाग द्वारा की गई इस सराहनीय कार्रवाई से यह संदेश जाता है कि पुलिस हर परिस्थिति में जनता के साथ खड़ी है और उनकी सहायता के लिए सदैव तत्पर है। इस तरह की घटनाएं समाज में पुलिस के प्रति विश्वास को और मजबूत करती हैं।
कुल मिलाकर, यह मामला सागर पुलिस की सक्रियता, तकनीकी दक्षता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसने एक परेशान नागरिक को राहत पहुंचाने के साथ-साथ पुलिस की सकारात्मक छवि को भी सुदृढ़ किया है।