चेन्नई/27 जनवरी 2026: साउथ सिनेमा के सुपरस्टार विजय थलपति की मोस्ट-अवेटेड फिल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज़ पर एक बार फिर सस्पेंस बरकरार है। मद्रास हाईकोर्ट की डिविजन बेंच ने मंगलवार को सिंगल जज के उस ऑर्डर को पलट दिया, जिसमें सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) को फिल्म को U/A सर्टिफिकेट देने का डायरेक्ट निर्देश दिया गया था।
कोर्ट का फैसला और वजह
चीफ जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और जस्टिस जी अरुल मुरुगन की डिविजन बेंच ने केस को वापस सिंगल जज पीटी आशा के पास भेज दिया। कोर्ट ने कहा कि सेंसर बोर्ड को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका मिलना चाहिए था, इसलिए किसी भी आदेश को सीधे पारित करना सही नहीं था।

फिल्म की रिलीज़ पर असर
‘जन नायकन’ को मूल रूप से 9 जनवरी को रिलीज़ किया जाना था, लेकिन CBFC ने आखिरी समय में ब्रेक लगा दिया। सिंगल जस्टिस पीटी आशा ने प्रोड्यूसर KVN प्रोडक्शंस की याचिका पर फिल्म को सर्टिफिकेट देने का आदेश दिया था, लेकिन डिविजन बेंच ने उसी दिन स्टे लगा दिया।

फिल्म के बिना CBFC सर्टिफिकेट के थिएटर्स में रिलीज़ संभव नहीं है, इसलिए विजय के फैंस और प्रोड्यूसर्स दोनों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है।
सेंसर बोर्ड में विवाद
मामला तब पेचीदा हुआ जब एग्जामिनिंग कमेटी के एक सदस्य ने शिकायत की। उनका दावा है कि फिल्म में कुछ सीन धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं और सेना की छवि प्रभावित होती है। कमेटी ने कुछ कट्स के बाद U/A सर्टिफिकेट की सिफारिश की थी, लेकिन चेयरपर्सन ने इसे रिव्यूइंग कमेटी के पास भेज दिया। 20 जनवरी को कोर्ट ने सुनवाई के बाद आदेश रिजर्व रखा था।

विजय के फैंस और करियर पर प्रभाव
विजय TVK पार्टी के साथ फुल-टाइम पॉलिटिक्स में प्रवेश करने वाले हैं। ऐसे में फिल्म की देरी उनके फैंस और करियर दोनों पर असर डाल सकती है। कोर्ट ने साफ कहा है कि सर्टिफिकेशन प्रोसेस में जल्दबाजी नहीं की जाएगी और CBFC को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका मिलेगा।
अब सिंगल बेंच फिर से सुनवाई करेगी और अंतिम फैसला सुनाएगी, जिससे तय होगा कि ‘जन नायकन’ कब बड़े पर्दे पर रिलीज़ होगी।