एनीमिया मुक्त भारत एवं राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और शिक्षकों को मिला प्रशिक्षण
सागर, 19 सितम्बर 2025।
जिले में चल रहे सुरक्षा पखवाड़ा कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एनीमिया मुक्त भारत और राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रमों पर विशेष फोकस करते हुए जागरूकता और प्रशिक्षण की श्रृंखला शुरू कर दी है। इसके अंतर्गत सागर शहरी क्षेत्र की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और बीना ब्लॉक के समस्त शिक्षकों का प्रशिक्षण आज संपन्न हुआ।

विशेषज्ञों ने दिए दिशा-निर्देश
प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. विपिन खटीक, शहरी क्षेत्र की नोडल रत्ना चौकसे और एविडेंस एक्शन इंडिया के क्षेत्रीय समन्वयक हुसैन खान ने किया। उन्होंने विस्तार से बताया कि एनीमिया एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जो बच्चों और महिलाओं को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है।
विशेषज्ञों ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति में चिड़चिड़ापन, थकावट, भूख न लगना, बाल झड़ना, कमजोरी, पैरों या आंखों के नीचे सूजन, जीभ का सफेद पड़ना, पढ़ाई में मन न लगना और याददाश्त कमजोर होना जैसे लक्षण दिखें तो यह एनीमिया के संकेत हो सकते हैं।

जांच और इलाज की सरल व्यवस्था
डॉ. खटीक ने बताया कि हिमोग्लोबिनोमीटर से एनीमिया की जांच बहुत आसान है और इसका परिणाम केवल एक मिनट में मिल जाता है। यह जांच ग्राम स्तर पर एएनएम और सीएचओ द्वारा की जाती है। यदि किसी को एनीमिया पाया जाता है तो उसे तुरंत आयरन युक्त भोजन जैसे – चना, मूंगफली, सोयाबीन, गुड़ आदि खिलाने की सलाह दी जाती है। इसके साथ ही समय-समय पर उसकी जांच जरूरी है।
बच्चों और महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था
एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के अंतर्गत –
- 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर हर मंगलवार और शुक्रवार को आयरन सिरप पिलाया जाएगा।
- कक्षा 1 से 5वीं तक के बच्चों को गुलाबी आयरन गोली और
- कक्षा 6 से 12वीं तक के बच्चों को नीली आयरन गोली सप्ताह में एक दिन (मंगलवार) भोजन के बाद दी जाएगी।
प्रशिक्षण में बताया गया कि इस कार्यक्रम की सही रिपोर्टिंग भी उतनी ही जरूरी है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और शिक्षक बच्चों को आयरन की खुराक देने के बाद रजिस्टर में निशान लगाकर उसका रिकॉर्ड तैयार करेंगे।

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस
इसके साथ ही राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 23 सितम्बर 2025 और मॉप-अप राउंड 26 सितम्बर 2025 को मनाया जाएगा। इस दौरान –
- 1 वर्ष से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को कृमिनाशक गोली दी जाएगी।
- 20 से 49 वर्ष की सभी महिलाओं को भी यह गोली दी जाएगी।
शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को यह स्पष्ट निर्देश दिए गए कि बीमार बच्चों को गोली न दी जाए। यदि गोली खाने के बाद किसी को समस्या होती है तो उसे तुरंत ठंडी जगह पर लिटाकर पानी पिलाएं और आवश्यक होने पर 108 एम्बुलेंस बुलाएं।

प्रचार-प्रसार पर जोर
प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक दीवार लेखन, पोस्टर, पंपलेट, बैनर और हैंडआउट्स का उपयोग किया जाए ताकि समुदाय में जागरूकता फैलाई जा सके।

प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न
बीना ब्लॉक में आयोजित इस प्रशिक्षण का संचालन बीसीएम जागेश्वर ने किया। प्रशिक्षण के अंत में सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और शिक्षकों को कार्यक्रम की जिम्मेदारियों के प्रति संवेदनशील और सजग रहने की शपथ दिलाई गई।