सागर। सुरखी नगर में लगातार हो रही चोरियों, विशेषकर जैन मंदिर में हुई बड़ी चोरी की वारदात के विरोध में शुक्रवार को नगरवासियों का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा। जैन समाज, व्यापारियों और रहवासियों ने एकजुट होकर बाजार बंद का आह्वान किया और सुरखी थाने के सामने सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। महिला-पुरुषों की बड़ी संख्या में भागीदारी के चलते नगर में करीब पांच घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा।
जैन मंदिर चोरी से भड़का आक्रोश
जानकारी के अनुसार, 12 जनवरी की रात सुरखी स्थित जैन मंदिर में चोरों ने सेंधमारी की थी। इस दौरान मंदिर से चांदी के 19 छत्र चोरी कर लिए गए। धार्मिक स्थल में हुई इस वारदात से जैन समाज सहित पूरे नगर में भारी आक्रोश फैल गया। घटना के बाद लोगों ने पुलिस को ज्ञापन सौंपकर जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी, लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों का गुस्सा और बढ़ गया।

बाजार बंद कर सड़क पर उतरे लोग
पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट रहवासियों और व्यापारियों ने शुक्रवार को बाजार बंद रखने का निर्णय लिया। सुबह करीब 10:30 बजे बड़ी संख्या में लोग सुरखी थाने के सामने पहुंचे, टेंट लगाकर सड़क पर बैठ गए और चक्काजाम कर दिया। इस दौरान महिलाओं की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिन्होंने अपराध बढ़ने और सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होने पर चिंता जताई।

आरोपियों की गिरफ्तारी और गश्त बढ़ाने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से जैन मंदिर चोरी समेत अन्य चोरी की घटनाओं में शामिल आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने, क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने और अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग की। प्रदर्शनकारी एसपी को ज्ञापन सौंपने की जिद पर अड़े रहे, जिससे स्थिति कुछ समय तक तनावपूर्ण बनी रही।

एसडीओपी की समझाइश के बाद खुला जाम
चक्काजाम की सूचना मिलते ही देवरी एसडीओपी शशिकांत सरयाम और सुरखी थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर समझाइश दी। काफी देर तक चले संवाद के बाद पुलिस ने एक सप्ताह के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। इसके बाद लोगों ने चक्काजाम समाप्त किया।
पांच घंटे तक प्रभावित रहा जनजीवन
करीब पांच घंटे तक चले चक्काजाम के कारण सुरखी में यातायात और दैनिक गतिविधियां पूरी तरह प्रभावित रहीं। हालांकि, आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य हुई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।