सागर, 21 सितंबर 2025: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चल रहे सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत सुरखी में बड़े उत्साह के साथ रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

रक्तदान और कन्यादान को सर्वोपरि दान बताया
मंत्री श्री राजपूत ने रक्तदान और कन्यादान को मानव समाज के सर्वोपरि दान बताया। उन्होंने कहा कि:
- रक्तदान से हम दूसरों को नई जिंदगी दे सकते हैं।
- कन्यादान से समाज में सकारात्मक बदलाव आता है और यह समाज की आधारशिला को मजबूत करता है।
मंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति जनता का प्रेम इस बात से स्पष्ट है कि पितृ मोक्ष अमावस्या के दिन भी लोग रक्तदान के लिए आगे आए।
शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र वितरित कर उनके इस पुण्य कार्य की सराहना की गई।
स्वास्थ्य और वृक्षारोपण अभियान
इस अवसर पर ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार’ अभियान के तहत स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन हुआ, जिसमें महिलाओं की स्वास्थ्य जांच पर विशेष ध्यान दिया गया।
मंत्री श्री राजपूत ने अस्पताल परिसर में वृक्षारोपण भी किया और समस्त डॉक्टरों को अस्पताल में साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए।

उपस्थित गणमान्य नागरिक और अधिकारी
कार्यक्रम में उपस्थित रहे:
- नगर परिषद अध्यक्ष: श्रीमती सीता ओंकार सिंह
- समाज एवं राजनीतिक हस्तियाँ: सरमन सिंह, नर्मदा सिंह, बुंदेल सिंह, मंडल अध्यक्ष संतोष पटेल, अरुण गौतम, बहादुर लोधी, सत्येंद्र सिंह, राम बाबा, कमलेश पांडे, राम मनोहर पांडे, शिवकांत राजोरिया, पवन दुबे, संदीप ठाकुर, अतुल भार्गव, अंजना जायसवाल, मधु चौबे, मनीष पांडे, दिनेश मिश्रा, रविंद्र यादव, बबलू गौतम, गौरव गर्ग, अभय जैन, अवध जैन, अजीत सिंह, अमित शर्मा
- स्वास्थ्य अधिकारी और डॉक्टर: डॉ. सुखदेव मिश्रा, डॉ. विपिन खटीक, डीएचओ डॉ. जीपी आर्या, बीएमओ डॉ. सुनीत जैन, डॉ. निमेष पटेल सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी
कार्यक्रम में शहर के नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
प्रमुख संदेश
इस आयोजन से स्पष्ट संदेश गया कि:
- रक्तदान और कन्यादान समाज में मानवता और सकारात्मक बदलाव लाने वाले सर्वोपरि कार्य हैं।
- स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए ऐसे शिविर आवश्यक हैं।
- जनता और प्रशासन के सहयोग से सेवा पखवाड़ा सफलतापूर्वक संचालित किया जा सकता है।