स्कूल के बाथरूम में मिली जली हुई छात्रा:परिवार वाले बोले- किसी ने जलाया है, स्कूल में तोड़फोड़ !

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पटना। बुधवार को राजधानी पटना के गर्दनीबाग इलाके के आमला टोला कन्या विद्यालय में हुई घटना ने पूरे शहर को हिला दिया। यहां पांचवीं कक्षा की छात्रा जोया परवीन (दमडीया निवासी) स्कूल के बाथरूम में जली हुई पाई गई। गंभीर हालत में उसे तुरंत पीएमसीएच (PMCH) में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

घटना कैसे हुई?

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुबह अचानक स्कूल के बाथरूम से धुआं निकलता देखा गया। जब शिक्षक और छात्र वहां पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा तोड़कर देखा गया तो छात्रा गंभीर रूप से झुलसी हुई पाई गई। मौके से केरोसिन तेल का डिब्बा बरामद किया गया, जिसमें आधा लीटर तेल बचा था।

परिवार का आरोप

छात्रा की मौसी ने साफ कहा, “यह आत्महत्या नहीं हो सकती। किसी ने बच्ची को जलाया है।”
वहीं, भाई शहबाज ने भी बड़ा आरोप लगाते हुए बताया कि,
“मैं क्लास में था तभी पता चला कि आग लगी है। जब मैं देखने गया तो मुझे रोका गया। मैंने अपनी बहन का बैग किसी शिक्षक के हाथ में देखा। मेरी बहन को केरोसिन छिड़क कर जलाया गया है। उसकी किसी से दुश्मनी नहीं थी।”

परिजनों और छात्रों का आक्रोश

घटना के बाद गुस्साए परिजनों और छात्रों ने स्कूल में तोड़फोड़ की। पुलिस और स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया गया। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट तक हुई। भारी तनाव को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

पुलिस और प्रशासन का पक्ष

घटना की जानकारी मिलते ही सेंट्रल एसपी दीक्षा मौके पर पहुंचीं। उन्होंने बताया,
“बच्ची का इलाज चल रहा है। परिजनों और स्थानीय लोगों ने गुस्से में तोड़फोड़ की है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बच्ची ने खुदकुशी की कोशिश की या उसे जलाया गया। एफएसएल टीम जांच कर रही है। DVR फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।”

एसपी ने यह भी बताया कि छात्रा पिछले 4-5 दिनों से स्कूल नहीं आ रही थी और जिस दिन घटना हुई, वह सीधे बाथरूम में चली गई। इस बिंदु पर भी पुलिस जांच कर रही है।

अनसुलझे सवाल

  1. छात्रा बाथरूम में अकेले क्यों गई?
  2. केरोसिन स्कूल परिसर में कैसे पहुंचा?
  3. आखिर शिक्षकों ने भाई को मौके पर जाने से क्यों रोका?
  4. क्या यह आत्महत्या का मामला है या साजिशन जलाने की कोशिश?

वर्तमान स्थिति

फिलहाल बच्ची जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। पुलिस जांच जारी है, लेकिन परिवार का साफ कहना है कि यह घटना एक सुनियोजित हमला है। वहीं, समाज में इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

यह मामला केवल एक बच्ची की जान से जुड़ा नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा संस्थानों की जवाबदेही और न्याय व्यवस्था की मजबूती की भी परीक्षा है। आने वाले दिनों में जांच से सच्चाई सामने आएगी, लेकिन अभी पूरा शहर उस मासूम के लिए दुआ कर रहा है।

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