भोपाल-इंदौर स्टेट हाईवे पर उज्जैन के विक्रमादित्य द्वार की तर्ज पर एक भव्य विक्रमादित्य द्वार का निर्माण किया जाएगा। शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने फंदा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इसका भूमिपूजन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने फंदा गांव का नाम बदलकर हरिहर नगर करने की भी घोषणा की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सामाजिक कुरीतियों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि मृत्यु भोज और शादियों में फालतू खर्च करने से बचना चाहिए। अनावश्यक खर्च से कर्ज बढ़ता है और कई बार गरीब परिवारों को जमीन तक गिरवी रखनी पड़ जाती है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों से मिली जमीन और संपत्ति को संभालकर रखना चाहिए।

“मैंने भी बेटे की शादी सामूहिक विवाह में की”
मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं अपने बेटे अभिमन्यु की शादी सामूहिक विवाह सम्मेलन में की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नारा सबका साथ-सबका विकास सिर्फ बोलने से नहीं, बल्कि करके दिखाने से पूरा होता है। सामूहिक विवाह में हर वर्ग के बच्चे शामिल होते हैं, जिससे समानता और सामाजिक समरसता का संदेश जाता है।
उन्होंने बताया कि उनके बेटे और बहू दोनों डॉक्टर हैं और उन्होंने उज्जैन के सांवराखेड़ी में हुए सामूहिक विवाह सम्मेलन में शादी की। इस दौरान बाबा रामदेव ने मंत्रोच्चार कराया था।


दिखावे से बचें, शिक्षा पर खर्च करें
सीएम यादव ने लोगों से अपील की कि दिखावे से बचें और पैसा बच्चों की शिक्षा और जरूरतमंदों की मदद में खर्च करें। उन्होंने कहा कि अनावश्यक खर्च से समाज को नुकसान होता है, जबकि शिक्षा और संस्कार से आने वाली पीढ़ी मजबूत बनती है।
मेट्रोपॉलिटन सिटी का प्लान
मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल, सीहोर, विदिशा, रायसेन और नर्मदापुरम को मिलाकर एक मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाई जा रही है। वहीं इंदौर के आसपास धार, उज्जैन, देवास और शाजापुर को मिलाकर दूसरा महानगर विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है।
कांग्रेस पर तीखा हमला
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वे हर चीज में राजनीति करते हैं। लाड़ली बहना योजना को लेकर कांग्रेस की आलोचना पर उन्होंने कहा कि माताएं-बहनें पवित्र होती हैं और उनके बारे में इस तरह की बातें करना शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव में जनता सही जवाब देगी।
कार्यक्रम में मौजूद रहे कई जनप्रतिनिधि
कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप, हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा, दक्षिण-पश्चिम विधायक भगवानदास सबनानी, महापौर मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।