टीकमगढ़, 8 सितंबर 2025: मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले में रविवार को स्नान दान पूर्णिमा के साथ पितृपक्ष की शुरुआत हो गई। इस अवसर पर महेंद्र सागर और वृंदावन तालाब स्थित पितृ तर्पण घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए जल अर्पित किया। पंडितों ने विधि-विधान के साथ काले तिल और कुशा का उपयोग कर तर्पण की प्रक्रिया संपन्न कराई। अगले 15 दिनों तक चलने वाले पितृपक्ष का समापन पितृ मोक्ष अमावस्या पर होगा। इस दौरान लोग अपने पूर्वजों के लिए ब्राह्मण भोज, गौ सेवा, और अन्न दान जैसे कार्य करेंगे। हालांकि, वृंदावन तालाब पर जलकुंभी की समस्या ने श्रद्धालुओं को परेशान किया, जबकि महेंद्र सागर तालाब पर समाजसेवियों के अभियान के कारण स्नान और तर्पण में कोई दिक्कत नहीं हुई।

स्नान दान पूर्णिमा के साथ पितृपक्ष का आगाज
पितृपक्ष की शुरुआत के साथ रविवार सुबह से ही टीकमगढ़ के महेंद्र सागर और वृंदावन तालाब पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। पंडित आशीष गंगेले ने बताया कि स्नान दान पूर्णिमा के दिन से पितृपक्ष शुरू होता है, और सोमवार से परमा तिथि के साथ श्राद्ध कार्यक्रम प्रारंभ होंगे। इस दौरान श्रद्धालु अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान, और अन्य धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। पंडितों ने काले तिल, कुशा, और जल के साथ विधिवत तर्पण कराया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया।
पंडित कौस्तुभ तिवारी ने बताया कि पितृपक्ष में पूर्वजों की आत्मा को शांति प्रदान करने के लिए ब्राह्मण भोज, गौ सेवा, और अन्न दान का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा, “पितृपक्ष के 15 दिन पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का समय है। इन दिनों में किए गए दान-पुण्य से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।”

महेंद्र सागर में सुगम तर्पण, वृंदावन तालाब पर जलकुंभी की समस्या
महेंद्र सागर तालाब पर समाजसेवी संगठनों द्वारा हाल ही में चलाए गए सफाई अभियान के कारण जलकुंभी हटा दी गई थी, जिससे श्रद्धालुओं को स्नान और तर्पण में कोई परेशानी नहीं हुई। स्थानीय निवासी रामकिशन यादव ने कहा, “समाजसेवियों के प्रयासों से महेंद्र सागर तालाब साफ है, जिससे तर्पण और स्नान आसानी से हो सका।”
दूसरी ओर, वृंदावन तालाब पर जलकुंभी की समस्या बरकरार है। घाटों के पास जमा जलकुंभी के कारण श्रद्धालुओं को स्नान और तर्पण में असुविधा हुई। कई श्रद्धालुओं ने नगर पालिका और जिला प्रशासन से मांग की है कि वृंदावन तालाब की सफाई के लिए तत्काल अभियान चलाया जाए। श्रद्धालु शांति बाई ने बताया, “जलकुंभी के कारण तालाब में उतरना मुश्किल हो रहा है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए, ताकि पितृपक्ष के दौरान श्रद्धालु बिना परेशानी के तर्पण कर सकें।”

पितृपक्ष का महत्व और 15 दिन की प्रक्रिया
पितृपक्ष हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण अवधि है, जो पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने और उनकी आत्मा की शांति के लिए समर्पित है। यह अवधि पूर्णिमा से शुरू होकर अमावस्या तक चलती है। इस दौरान लोग तर्पण, पिंडदान, और दान-पुण्य के कार्य करते हैं। पितृपक्ष में प्रत्येक तिथि का विशेष महत्व होता है, और लोग अपने पूर्वजों की मृत्यु की तिथि के अनुसार श्राद्ध करते हैं। पितृ मोक्ष अमावस्या को इस अवधि का समापन होता है, जिसे विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।
टीकमगढ़ में पितृपक्ष के दौरान महेंद्र सागर और वृंदावन तालाब पितृ तर्पण के प्रमुख केंद्र हैं। इन तालाबों पर हर साल हजारों श्रद्धालु अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण और अन्य अनुष्ठान करने आते हैं। इस बार भी दोनों तालाबों पर सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।

प्रशासन से सफाई की मांग
वृंदावन तालाब पर जलकुंभी की समस्या ने स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में नाराजगी पैदा की है। कई लोगों ने जिला प्रशासन और नगर पालिका से मांग की है कि पितृपक्ष के दौरान तालाब की सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। सामाजिक कार्यकर्ता अजय तिवारी ने कहा, “महेंद्र सागर तालाब की सफाई के लिए समाजसेवियों ने पहल की, लेकिन वृंदावन तालाब की स्थिति खराब है। प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि श्रद्धालु बिना परेशानी के अपने धार्मिक कार्य कर सकें।”
निष्कर्ष
टीकमगढ़ में स्नान दान पूर्णिमा के साथ शुरू हुए पितृपक्ष ने श्रद्धालुओं में अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता का भाव जागृत किया है। महेंद्र सागर और वृंदावन तालाब पर तर्पण और स्नान की प्रक्रिया ने धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया। हालांकि, वृंदावन तालाब पर जलकुंभी की समस्या ने श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ाई है, जिसे दूर करने के लिए प्रशासन को तत्काल कदम उठाने होंगे। पितृपक्ष के अगले 15 दिन टीकमगढ़ के लिए धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र रहेंगे, और यह उम्मीद की जाती है कि प्रशासन इस दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ठोस कदम उठाएगा।इस दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ठोस कदम उठाएगा।