गोविंद सिंह राजपूत ने हनुमान प्राकट्योत्सव के पावन अवसर पर सागर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होकर श्रद्धालुओं के साथ आस्था और भक्ति का उत्सव मनाया। इस दौरान उन्होंने भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना कर प्रदेश और क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और उन्नति की कामना की तथा सभी को इस पर्व की शुभकामनाएं दीं।
मंत्री श्री राजपूत ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान हनुमान त्याग, सेवा, समर्पण और पराक्रम के प्रतीक हैं। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर हमें समाज और राष्ट्र के हित में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के समय में हनुमान जी के आदर्श और भी प्रासंगिक हो गए हैं, जो हमें निस्वार्थ सेवा और कर्तव्यपरायणता का संदेश देते हैं।
कार्यक्रमों की शुरुआत सागर स्थित श्री बालाजी मंदिर धर्माश्री से हुई, जहां मंत्री श्री राजपूत ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरे वातावरण में भक्ति का संचार दिखाई दिया।
इसके पश्चात मंत्री श्री राजपूत ग्राम सीहोरा पहुंचे, जहां हनुमान प्राकट्योत्सव के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई थी। इस शोभायात्रा में उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ सहभागिता की। गांव की गलियों में निकली इस यात्रा में भजन-कीर्तन, झांकियां और धार्मिक उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। बड़ी संख्या में ग्रामीणों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर आयोजन को सफल बनाया।

इसके बाद मंत्री श्री राजपूत श्री सिद्ध देव सिद्धेश्वर चम्पाबाग लक्ष्मीपुरा पहुंचे, जहां श्री सर्व सिद्धेश्वर समिति द्वारा आयोजित चल समारोह में शामिल हुए। यहां उन्होंने भगवान हनुमान की आराधना की और आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आपसी भाईचारे, एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं।
दिनभर के कार्यक्रमों के अंत में मंत्री श्री राजपूत श्री सिद्ध क्षेत्र लखेरा धाम पहुंचे, जहां उन्होंने हनुमान जी की भव्य महाआरती में भाग लिया। इस दौरान पूरा क्षेत्र भक्ति और श्रद्धा के माहौल से गूंज उठा। महाआरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को और भी भव्य बना दिया।
इस अवसर पर मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि राज्य सरकार जनकल्याण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ समाज के हर वर्ग—गरीब, किसान, महिला और युवा—को मिल रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन प्रयासों से प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहेगा।
कार्यक्रमों में कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे, जिनमें श्याम तिवारी, शैलेंद्र जैन, वृंदावन अहिरवार और नेवी जैन प्रमुख रूप से शामिल रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, पदाधिकारी और स्थानीय श्रद्धालु भी मौजूद रहे।
समग्र रूप से हनुमान प्राकट्योत्सव का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि समाज में एकता, सद्भाव और सेवा की भावना को भी मजबूत करने का माध्यम साबित हुआ। मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत की सहभागिता ने आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया और श्रद्धालुओं में उत्साह का संचार किया।