शिक्षा के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से सागर में आयोजित प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में प्रेरणादायी माहौल देखने को मिला। सांदीपनि विद्यालय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने शामिल होकर विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को संबोधित किया।
अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि “हर घर में शिक्षा का दीप जले और कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।” उन्होंने शिक्षा को अज्ञानता के अंधकार को दूर करने वाला प्रकाश बताते हुए कहा कि यह केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति के जीवन को संवारने और समाज को सशक्त बनाने का आधार है।

मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रवेश उत्सव केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह बच्चों के जीवन में नए सपनों और संभावनाओं की शुरुआत का प्रतीक है। जब कोई बच्चा पहली बार स्कूल में प्रवेश करता है, तो वह केवल एक कक्षा में नहीं जाता, बल्कि वह संस्कार, अनुशासन और आत्मनिर्भरता की दुनिया में कदम रखता है।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि आज की शिक्षा ही कल के सशक्त भारत का निर्माण करेगी। यदि हर परिवार यह संकल्प ले कि उसका बच्चा नियमित रूप से स्कूल जाएगा, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन निश्चित है।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने यह भी कहा कि आज भी कई बच्चे विभिन्न कारणों से शिक्षा से वंचित रह जाते हैं, जो एक गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे में प्रवेश उत्सव जैसे अभियान हमें यह संदेश देते हैं कि हर बच्चे को स्कूल से जोड़ना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में संचालित शिक्षा संबंधी योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि सरकार विद्यार्थियों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें, साइकिल, स्कूटी, लैपटॉप और छात्रवृत्तियां उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार संसाधन उपलब्ध करा रही है, अब विद्यार्थियों का कर्तव्य है कि वे पूरी लगन से पढ़ाई करें और अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाएं।
मंत्री ने सांदीपनि विद्यालयों के नामकरण का उल्लेख करते हुए बताया कि यह नाम उज्जैन के सांदीपनि आश्रम से प्रेरित है, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने शिक्षा प्राप्त की थी। इन विद्यालयों का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है।
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती पूजन से हुई, जिसके बाद छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। पूरे परिसर में भक्ति और उत्साह का वातावरण बना रहा। इस अवसर पर मंत्री ने मेधावी और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को प्रमाण पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया, जिससे अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरणा मिली।

इस अवसर पर संयुक्त संचालक लोक शिक्षण सागर संभाग शत्रुंजय प्रताप सिंह बिसेन ने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन ने भी नए सत्र की शुरुआत को लेकर विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सुधार किए जा रहे हैं।
विद्यालय के प्राचार्य विनय दुबे ने स्वागत भाषण देते हुए विद्यालय की उपलब्धियों और सुविधाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती रचना तिवारी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन श्री गिरीश मिश्रा द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में पार्षद रूपेश यादव, पप्पू फुसकेले, मधु भाई, सिटी मजिस्ट्रेट गगन बिसेन, संयुक्त संचालक प्राचीश जैन सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में अभिभावक एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।
इस प्रकार प्रवेश उत्सव के माध्यम से सागर जिले में शिक्षा के प्रति जागरूकता और उत्साह का वातावरण निर्मित हुआ है। यह आयोजन न केवल नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत का प्रतीक बना, बल्कि यह समाज को यह संदेश देने में भी सफल रहा कि शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और इसे सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।