
गुरुग्राम: राजधानी दिल्ली से महज 40 किलोमीटर दूर गुरुग्राम के पॉश इलाके सुशांत लोक में 25 साल की उभरती टेनिस कोच राधिका यादव की निर्मम हत्या ने पूरे इलाके को सकते में डाल दिया है। राधिका को उसके ही पिता, दीपक यादव ने अपनी लाइसेंसी .32 बोर रिवॉल्वर से पांच गोलियां मारीं, जिनमें तीन गोली उसके पीठ में लगीं।
हत्या का मंजर
गृहस्थी के इस सन्नाटे को तोड़ती पांच गोलियों की आवाज़ सुनते ही चाचा कुलदीप यादव और उनके बेटे पीयूष दौड़े। रसोई के फर्श पर खून से लथपथ राधिका को देखकर सभी का दिल दहल उठा। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसकी मृत्यु की पुष्टि कर दी।
दीपक यादव: एक रईस पिता की परतें
दीपक यादव कोई मामूली व्यक्ति नहीं। उसके कई आलीशान प्रॉपर्टी हैं, जिनसे उसे महीने के करीब 15 से 17 लाख रुपये किराए के रूप में मिलते हैं। गुरुग्राम के साथ-साथ उसके पास एक बड़ा फार्महाउस भी है। जानकार बताते हैं कि उसका सामाजिक और आर्थिक प्रभाव काफी बड़ा है।
एक परिचित ने बताया,
“दीपक के पास बड़ी संपत्ति है, और वह गांव में बेहद रईस माना जाता है। उसने अपनी बेटी को टेनिस सिखाने के लिए पढ़ाई तक छोड़ दी थी और उसके लिए दो लाख रुपये का रैकेट भी खरीदा था।”
विवाद की जड़
पुलिस जांच में सामने आया है कि दीपक को अपनी बेटी की आर्थिक आजादी और सोशल मीडिया पर बढ़ती लोकप्रियता पसंद नहीं थी। राधिका ने हाल ही में एक म्यूजिक वीडियो ‘कारवां’ में भी मुख्य भूमिका निभाई थी, जो उसके पिता के लिए सहन करना मुश्किल साबित हुआ।
दीपक ने पुलिस को बताया कि गांव के लोग ताने मारते थे कि वह अपनी बेटी की कमाई पर जीवन व्यतीत कर रहा है। इसके चलते उसने राधिका को अपनी टेनिस अकादमी बंद करने के लिए भी कहा था, जिससे परिवार में तनाव बढ़ गया था।
पुलिस की जांच और परिवार की उलझन
हालांकि, दीपक के एक परिचित ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा,
“इतनी संपत्ति होने पर कोई कैसे यह कह सकता है कि दीपक अपनी बेटी की कमाई पर जी रहा है? वह अपनी बेटी से बहुत प्यार करता था। हत्या के पीछे कोई और कारण हो सकता है।”
पुलिस भी दीपक के बयान पर संदेह जता रही है। अधिकारियों का कहना है कि दीपक छोटी-छोटी बातों पर जल्दी गुस्सा हो जाता था, जो इस घटना की पृष्ठभूमि हो सकती है।
हत्या के बाद की प्रतिक्रियाएं
गुरुग्राम के सामाजिक और खेल जगत में इस घटना से गहरा सदमा है। राधिका यादव को टेनिस समुदाय में एक होनहार खिलाड़ी और कोच के रूप में देखा जाता था। अब उसके जाने से जहां परिवार टूट गया है, वहीं खेल जगत भी एक चमकती प्रतिभा खो चुका है।
यह घटना केवल एक बेटी की हत्या नहीं है, बल्कि दौलत, दबदबे और परिवार के अंदर चल रहे अनसुलझे तनाव की कहानी भी है। दीपक यादव की बड़ी संपत्ति और सामाजिक प्रभाव के बीच यह सवाल बना हुआ है कि आखिर एक पिता कैसे अपने ही बच्चे के खिलाफ इतनी बेरहमी कर सकता है।
हमारी टीम पुलिस जांच पर लगातार नजर रखे हुए है। जैसे ही नए अपडेट मिलेंगे, हम तुरंत आपको सूचित करेंगे।