11 साल की उम्र में जन्नत कुर्मी ने बनाई राष्ट्रीय पहचान !

Spread the love

खुरई।
खुरई की नन्ही प्रतिभा जन्नत कुर्मी (11 वर्ष) ने राजस्थान के अजमेर जिले के केकड़ी में आयोजित 69वीं राष्ट्रीय शालेय खो-खो प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर न केवल अपने शहर बल्कि पूरे मध्यप्रदेश का नाम रोशन किया है। छह दिनों तक चली इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर से आई विभिन्न राज्यों की टीमों ने भाग लिया।

जन्नत ने इस प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश की अंडर-14 बालिका टीम का प्रतिनिधित्व किया। इतनी कम उम्र में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में चयन और प्रभावी प्रदर्शन जन्नत की मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है।

कम उम्र में बड़ी उपलब्धि

महज 11 वर्ष की उम्र में राष्ट्रीय मंच तक पहुंचना जन्नत के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। स्थानीय खेल प्रेमियों और प्रशिक्षकों का कहना है कि जन्नत में शुरू से ही खेल को लेकर विशेष लगाव रहा है और उन्होंने कम समय में खुद को एक कुशल खो-खो खिलाड़ी के रूप में साबित किया है। प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद जब जन्नत अपने गृह नगर खुरई लौटीं, तो उनका भव्य स्वागत किया गया।

मां बनीं प्रेरणा, बचपन से मिला मार्गदर्शन

जन्नत ने अपनी सफलता का श्रेय अपने स्कूल के खेल शिक्षकों और अपनी मां को दिया है। खास बात यह है कि जन्नत की मां स्वयं खेल प्रशिक्षक हैं, जिन्होंने बचपन से ही जन्नत की खेल प्रतिभा को पहचाना और उन्हें सही प्रशिक्षण व मार्गदर्शन दिया। जन्नत का कहना है कि उन्हें बचपन से ही खेलों में रुचि रही है और वे भविष्य में भी देश के लिए खेलकर भारत का नाम रोशन करना चाहती हैं।

फूल-मालाओं से हुआ स्वागत

राष्ट्रीय प्रतियोगिता से लौटने पर जन्नत का उनके परिवारजनों, स्कूल स्टाफ और खेल प्रेमियों ने फूल-मालाओं से स्वागत किया। स्कूल परिवार ने जन्नत की इस उपलब्धि को पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर शिक्षकों ने कहा कि जन्नत जैसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी अन्य बच्चों, विशेषकर बालिकाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

खुरई की इस नन्ही खिलाड़ी की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि सही मार्गदर्शन, निरंतर अभ्यास और दृढ़ संकल्प से कम उम्र में भी बड़े मुकाम हासिल किए जा सकते हैं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *