125 किसानों का क्लस्टर बनाया गया, मिट्टी परीक्षण व जीवामृत प्रशिक्षण पर जोर !

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कलेक्टर संदीप जी.आर. के निर्देशन एवं उपसंचालक कृषि सागर राजेश त्रिपाठी के मार्गदर्शन में खुरई विकासखंड की ग्राम पंचायत सिंगपुर में नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग (NMNF) के अंतर्गत व्यापक कृषक संगोष्ठी का आयोजन संपन्न हुआ। श्रीमती संगीता उपेंद्र सिंह राजपूत (अध्यक्ष, कृषि स्थाई समिति, विकासखंड खुरई) की अध्यक्षता में हुए आयोजन में जमुना प्रसाद अहिरवार (जनपद पंचायत अध्यक्ष, खुरई) मुख्य अतिथि थे तथा उत्तम सिंह अहिरवार (सरपंच, सिंगपुर) की विशेष उपस्थिति रही।

संगोष्ठी में डॉ. आशीष त्रिपाठी, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, कृषि विज्ञान केंद्र देवरी ने प्राकृतिक खेती की बुनियादी तकनीकों पर विस्तार से व्याख्यान देते हुए जीवामृत, बीजामृत, नीमास्त्र व अग्नि-अस्त्र जैसे जैविक एवं पारंपरिक निवारक-उपचारों का निर्माण व उपयोग समझाया। उन्होंने बताया कि जीवामृत और बीजामृत से पौधों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है तथा मिट्टी की सूक्ष्मजीवी संतुलन सुधरता है।

मुकेश कुमार प्रजापति, परियोजना संचालक — आत्मा, सागर ने नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग योजना की बिंदुवार जानकारी दी तथा योजना में सम्मिलित कृषकों को मिलने वाले वित्तीय तथा तकनीकी लाभ समझाए। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य रासायनिक इनपुट पर निर्भरता घटाकर उत्पादन लागत कम करना और दीर्घकालिक मिट्टी स्वास्थ्य बनाये रखना है।

संगोष्ठी में श्री जितेंद्र सिंह राजपूत, सहायक मिट्टी परीक्षण अधिकारी ने खुरई ब्लॉक की मिट्टी में उपस्थित सूक्ष्म तत्वों की प्रतिशतता, नोडल पोषक तत्वों की कमी व मिट्टी नमूना लेने की विधि समझाई। उन्होंने बताया कि क्लस्टर के सभी किसानों के खेतों से मिट्टी के नमूने लेकर प्रयोगशाला में परीक्षण किया जाएगा ताकि अगामी वर्षों में पोषक तत्वों में होने वाले परिवर्तन का वैज्ञानिक विश्लेषण संभव हो सके।

अन्य वक्ताओं में जयदत्त शर्मा, अनुविभागीय कृषि अधिकारी खुरई ने नरवाई प्रबंधन, कार्बनिक पदार्थ बढ़ाने के उपाय व नरवाई जलाने से उत्पन्न समस्याओं के निराकरण पर व्याख्यान दिया। उन्होंने किसानों को खुरई शरबती जैसे स्थानीय फसलों के लिए प्राकृतिक खेती अपनाने हेतु प्रेरित किया। सेवानिवृत्त विषय-वस्तु विशेषज्ञ भगवान सिंह ठाकुर ने फसल चयन, लागत घटाने के उपाय, कृषि यंत्रों के रख-रखाव व बीज चयन पर अपने व्यावहारिक अनुभव साझा किए।

प्रयोगात्मक प्रदर्शन के अंतर्गत कृषि सखियों ने जीवामृत बनाने की प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन कर किसानों को तैयार करने का तरीका दिखाया। आयोजन में 125 इछ्छुक किसानों को एक क्लस्टर में शामिल किया गया है — ये सभी किसान प्रत्येक एकड़ में रसायनों का उपयोग न करके पूर्णतः प्राकृतिक खेती करेंगे। प्रत्येक क्लस्टर के लिए दो प्रशिक्षित कृषि सखी तकनीकी सहयोग प्रदान करेंगी तथा नियमित फॉलो-अप, खेत-दर्शन व किसानों की समस्या निवारण में सहायता करेंगी।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारी व स्टाफ — एमके प्रजापति (परियोजना संचालक आत्मा), डॉ. आशीष त्रिपाठी, जितेंद्र सिंह राजपूत, जयदत्त शर्मा, भगवान सिंह ठाकुर, राजू चौहान (वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी खुरई), रानू सिंह कुर्मी (वरिष्ठ उद्यान विस्तार अधिकारी), आत्मा स्टाफ: पवन ठाकुर, कपिल गोस्वामी, लोकेंद्र जाटव — सहित स्थानीय कृषि सखियाँ सीता कुशवाह, आरती ठाकुर, खुशबू अहिरवार तथा प्रगतिशील कृषक बालमुकुन्द रावत, विशाल सिंह राजपूत व अन्य कृषकगण उपस्थित रहे।

अंत में आयोजकों ने कहा कि यह पहल स्थानीय स्तर पर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने व किसानों की आय-लागत संरचना में सुधार लाने की दिशा में अहम कदम है। अगले चरण में क्लस्टर के खेतों की नियमित मॉनिटरिंग, मिट्टी-पोषक तत्वों की रिपोर्ट के आधार पर पोषण प्रबंधन व बायो-इनपुट का सहज उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाएगा।

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