
जिले की सानौधा थाना पुलिस ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए एक 15 वर्षीय नाबालिग बालिका को महाराष्ट्र के जलगांव जिले के कस्बा पचोर से सकुशल दस्तयाब कर लिया, जिसे लगभग एक महीने पहले बहला-फुसलाकर भगा ले जाया गया था। इस मामले में 21 वर्षीय आरोपी शुभम अहिरवार को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सागर श्री विकास कुमार शाहवाल द्वारा बच्चों के गुम होने या अपहरण की घटनाओं को गंभीरता से लेने के स्पष्ट निर्देशों के तहत की गई। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया है कि नाबालिगों के लापता होने की सूचना पर तत्काल संजीदगी से कार्रवाई कर दस्तयाबी सुनिश्चित की जाए।
📌 घटना का विवरण:
घटना की शुरुआत दिनांक 07 जून 2025 को हुई, जब सागर जिले के ग्राम रिछावर से कक्षा 10वीं में अध्ययनरत 15 वर्षीय नाबालिग छात्रा संदिग्ध परिस्थिति में लापता हो गई। परिजनों द्वारा तलाश के बाद 08 जून 2025 को थाना सानौधा में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मामले में अपराध क्रमांक 188/25, धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।
🕵️♀️ जांच और तकनीकी प्रयास:
थाना प्रभारी श्री भरत सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में विशेष पुलिस टीम गठित की गई, जिसमें तकनीकी निगरानी, कॉल डिटेल विश्लेषण, संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और संभावित स्थानों की छानबीन के माध्यम से लगातार प्रयास किए गए।
लगातार सुराग-संचयन और सतर्क अनुसंधान के बाद पुलिस टीम ने आखिरकार दिनांक 11 जुलाई 2025 को महाराष्ट्र के जलगांव जिले के कस्बा पचोर से नाबालिग बालिका को दस्तयाब कर लिया।
👮♂️ कार्रवाई में सम्मिलित पुलिस टीम:
- ASI शेष नारायण
- ASI प्रीति थापा
- प्रधान आरक्षक उमेश तिवारी
- उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान
- आरक्षक हेमेंद्र सिंह
इस टीम ने सीमाओं को पार करते हुए सतत प्रयासों से बालिका को सकुशल वापस लाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई।
👤 आरोपी गिरफ्तार, भेजा गया जेल:
पुलिस द्वारा गहन पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी शुभम अहिरवार, उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्राम लिधौरा हाट, थाना बहेरिया, जिला सागर को भी गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय द्वारा जेल वारंट जारी किए जाने के पश्चात आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
✅ सागर पुलिस का संदेश:
इस प्रकार की संवेदनशील एवं त्वरित कार्रवाई से सागर पुलिस ने यह साबित किया है कि बच्चों की सुरक्षा, विशेषकर नाबालिगों की सुरक्षा, पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस सफलता से न केवल पीड़िता का परिवार राहत महसूस कर रहा है, बल्कि समाज में यह विश्वास और मजबूत हुआ है कि मध्यप्रदेश पुलिस सजग, सक्रिय और संवेदनशील है।
परिजनों ने सागर पुलिस का आभार जताया और कहा कि यदि पुलिस इतनी मुस्तैदी से न जुटती, तो शायद उनकी बच्ची की सलामती को लेकर आशंका बनी रहती।
📢 सार्वजनिक अपील:
सागर पुलिस आमजन से अपील करती है कि यदि किसी नाबालिग के लापता होने की जानकारी प्राप्त हो, तो तत्काल पुलिस से संपर्क करें। त्वरित सूचना एवं सहयोग से ही समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकती है।