भारत और साउथ अफ्रीका के बीच जारी वनडे सीरीज का अंतिम मुकाबला 6 दिसंबर को विशाखापट्टनम में खेला जाएगा। इसी मैच के बाद टीम इंडिया के दो सबसे अनुभवी बल्लेबाजों — विराट कोहली और रोहित शर्मा — के भविष्य को लेकर BCCI ने एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाने का फैसला किया है। यह बैठक या तो विशाखापट्टनम में होगी या फिर अहमदाबाद में आयोजित की जा सकती है। इसमें हेड कोच गौतम गंभीर, चीफ सिलेक्टर अजीत आगरकर और अन्य चयन समिति के सदस्य शामिल रहेंगे।
🔍 क्यों बुलाई गई बैठक — और किस बात पर होगा फैसला?
यह बैठक केवल औपचारिक चर्चा नहीं बल्कि भारतीय क्रिकेट के अगले दौर का खाका तय करेगी। बैठक का मुख्य उद्देश्य 2027 वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए रोहित और विराट की भूमिका को स्पष्ट करना है। दोनों खिलाड़ी अब सिर्फ वनडे क्रिकेट खेल रहे हैं, ऐसे में टीम मैनेजमेंट चाहता है कि आगे के लिए कोई भ्रम या अनिश्चितता न रहे।
हालांकि बोर्ड इस मुद्दे पर सार्वजनिक बयानबाजी से बचना चाहता है, लेकिन अंदरूनी तौर पर यह माना जा रहा है कि अब टीम को दीर्घकालिक योजना और ट्रांज़िशन पर गंभीरता से काम करना होगा।

🩺 फिटनेस और फॉर्म पर होगी गहन समीक्षा — घरेलू क्रिकेट खेलने की सलाह भी संभव
सूत्रों के अनुसार बैठक में रोहित और विराट से अगले दो वर्षों के लिए फिटनेस और फॉर्म बनाए रखने का रोडमैप माँगा जा सकता है।
बोर्ड यह भी सलाह दे सकता है कि वे लगातार मैच फिटनेस में बने रहने के लिए अधिक से अधिक घरेलू क्रिकेट खेलें।
स्पष्ट संदेश यह है कि 2027 वर्ल्ड कप तक सक्रिय रहने के लिए सिर्फ अनुभव काफी नहीं — फिटनेस, चुस्ती और निरंतर प्रदर्शन प्राथमिक शर्तें होंगी।
🔥 रोहित शर्मा के लिए खास निर्देश — आक्रामक अंदाज़ जारी रखने की उम्मीद
टीम मैनेजमेंट चाहता है कि रोहित शर्मा वही निडर और अटैकिंग बैटिंग स्टाइल बरकरार रखें, जो उन्होंने हाल ही में ICC चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान दिखाया था।
कुछ सीरीज में ऐसा महसूस हुआ कि वे परिस्थितियों के दबाव में आकर रिस्क लेने से बच रहे थे, जबकि टीम चाहती है कि वे टॉप ऑर्डर से आकर मैच का टेम्पो तेज करें।
युवा खिलाड़ियों के लिए रास्ता आसान करने के लिए टीम को रोहित और विराट की बल्लेबाजी लीडरशिप की जरूरत है।

🎙️ बयानबाजी पर रोक — “फिटनेस और प्रदर्शन पर ध्यान दें” निर्देश
बोर्ड ने रोहित शर्मा को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे भविष्य को लेकर सार्वजनिक बयान न दें और फिलहाल पूरी ऊर्जा फिटनेस और प्रदर्शन पर फोकस करने में लगाएँ।
बोर्ड का मानना है कि रोहित और विराट जैसे बड़े खिलाड़ियों के लिए यह ज़रूरी है कि उन्हें साफ पता हो —
टीम उनसे भविष्य में क्या चाहती है, और उनकी भूमिका कितनी अहम है।