इंदौर | शिक्षा और मानव क्षमता के क्षेत्र में रविवार को इंदौर में “क्वांटम ब्रेन परेड” ने नया इतिहास रच दिया। मॉडर्न इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम में 235 छात्रों ने आंखों पर काली पट्टी बांधकर लगातार तीन घंटे तक विभिन्न जटिल गतिविधियां पूरी कीं और अपना नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराया।
कार्यक्रम का उद्घाटन वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के संजय शुक्ला ने किया। छात्रों ने पट्टी बांधकर राइफल शूटिंग, स्केटिंग, साइकिलिंग, क्रिकेट, बास्केटबॉल, शतरंज और कैरम जैसे खेल पूरे आत्मविश्वास के साथ खेले। इसके अलावा उन्होंने किताबें पढ़ीं, करेंसी नोट पहचाने और रंगों की सही पहचान कर अपनी ‘छठी इंद्रिय’ का प्रदर्शन किया।


इस उपलब्धि पर स्कूल के छात्रों को मौके पर ही प्रोविजनल सर्टिफिकेट और मॉडल प्रदान किए गए। यह कार्यक्रम स्कूल के मिडब्रेन एक्टिवेशन प्रोग्राम की सफलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है, जिसे प्रेसीडेंट अरुण खारिया और चेयरपर्सन डॉ. अनिल खारिया ने शुरू किया था।
डॉ. शांतनु खारिया ने कहा, “आज बच्चों ने साबित कर दिया कि सही वैज्ञानिक प्रशिक्षण से मानव मस्तिष्क की क्षमताएं असीमित हैं। ये केवल किताबी कीड़े नहीं, बल्कि सच्ची बुद्धिमत्ता वाले वैश्विक नागरिक बन रहे हैं।”
वाइस चेयरपर्सन एडमिन शुभांगी खारिया ने बताया कि 235 छात्रों का एक साथ, बिना देखे अपने वातावरण को पहचानना उनके उच्च स्तर पर जागृत अंतर्ज्ञान का प्रमाण है।
प्रिंसिपल जूली चाको ने कहा कि यह बच्चों की एकाग्रता और मानसिक स्पष्टता का उदाहरण है। मिडब्रेन एक्टिवेशन प्रोग्राम कक्षा 3 से 9 तक के सभी छात्रों के लिए अनिवार्य और निःशुल्क है, जिसका उद्देश्य स्मरण शक्ति, एकाग्रता और भावनात्मक संतुलन को बढ़ाना है।
यह ऐतिहासिक उपलब्धि बच्चों, अभिभावकों और स्कूल स्टाफ के लिए गर्व का क्षण साबित हुई।