सागर, मध्यप्रदेश।
सागर कृषि उपज मंडी से सतना के लिए रवाना हुआ 250 क्विंटल सोयाबीन से भरा ट्रक रहस्यमय ढंग से लापता हो गया है। यह घटना 17 जुलाई की रात की है, जब व्यापारी सुजीत चंद जैन ने न्यू विकास ट्रांसपोर्ट कंपनी के जरिए सोयाबीन भेजा था। ट्रक चालक मनोज के मोबाइल बंद हो जाने और ट्रक के बांसा टोल नाके तक न पहुंचने के बाद मामला संदिग्ध हो गया। व्यापारी द्वारा काफी तलाश और प्रयास के बावजूद जब ट्रक और चालक का कोई पता नहीं चला, तो उन्होंने मोतीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मंडी से रवाना हुआ ट्रक, लेकिन रास्ते में लापता
इटवारा बाजार निवासी सुजीत चंद जैन ने बताया कि वे अपने पिता के नाम से संचालित अनाज दुकान से नियमित रूप से सतना स्थित साल्वेंट प्राइवेट लिमिटेड को सोयाबीन की आपूर्ति करते हैं। 17 जुलाई की रात लगभग 10 बजे उन्होंने न्यू विकास ट्रांसपोर्ट के ट्रक क्रमांक MP 34 H 0732 में 282 बोरे (250 क्विंटल) सोयाबीन लोड करवाया था। सभी जरूरी दस्तावेज – बिल, ईवे बिल, बिल्टी और कांटा पर्ची – ड्राइवर मनोज को सौंपकर ट्रक को सतना के लिए रवाना किया गया।
ड्राइवर से संपर्क टूटने के बाद बढ़ी चिंता
18 जुलाई की सुबह जब व्यापारी ने ड्राइवर से ट्रक की लोकेशन पूछी तो उसने बताया कि ट्रक में खराबी आ गई है और वह गढ़ाकोटा में खड़ा है। ड्राइवर ने यह भी भरोसा दिलाया कि वह जल्द ही सतना पहुंच जाएगा। लेकिन 19 जुलाई को जब फिर से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो पहले नेटवर्क समस्या बताई गई और उसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद आने लगा, जिससे व्यापारी की चिंता और बढ़ गई।
टोल नाके से भी नहीं गुज़रा ट्रक
जब व्यापारी ने सतना स्थित साल्वेंट कंपनी से संपर्क किया, तो वहां से माल नहीं पहुंचने की पुष्टि हुई। ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक दिनेश से भी संपर्क कर ट्रक और ड्राइवर की जानकारी ली गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद जब बांसा टोल नाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, तो यह सामने आया कि ट्रक उस रास्ते से गुजरा ही नहीं था, जिससे संदेह और गहरा गया।

पुलिस ने मामला दर्ज कर बनाई जांच टीम
व्यापारी की शिकायत पर मोतीनगर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने ट्रक और ड्राइवर की तलाश शुरू कर दी है और एक विशेष जांच टीम गठित की गई है जो ट्रक की लोकेशन और घटना की सच्चाई का पता लगाने में जुटी है।
क्या है पुलिस के लिए मुख्य चुनौतियां?
- ट्रक का अंतिम ज्ञात लोकेशन गढ़ाकोटा होना।
- ड्राइवर के फोन का लगातार बंद रहना।
- टोल नाकों से ट्रक का नहीं गुजरना, जिससे चोरी या साजिश की आशंका।
- पूरे ट्रक सहित माल की अनुमानित कीमत लाखों में होने के कारण मामला गंभीर।
व्यापारी की आशंका: साजिश या चोरी?
व्यापारी सुजीत चंद जैन का मानना है कि यह केवल एक तकनीकी खराबी या संयोग नहीं हो सकता, बल्कि इसमें पूर्व नियोजित साजिश की आशंका है। उन्होंने ट्रक चालक और संभवतः ट्रांसपोर्ट कंपनी की भूमिका की भी जांच की मांग की
ट्रक का इस तरह से अचानक लापता हो जाना, खासतौर पर जब उसके साथ लाखों का माल लोड हो, एक गंभीर अपराध की ओर इशारा करता है। पुलिस की सक्रियता और जांच की दिशा आने वाले दिनों में यह तय करेगी कि यह मामला एक सामान्य चोरी का था या इसके पीछे कोई गंभीर संगठित गिरोह सक्रिय है। फिलहाल ट्रक, चालक और माल की तलाश जारी है।
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
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