जिले में अवैध कब्जों और भूमाफियाओं के खिलाफ प्रशासन का अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में आज जिला प्रशासन ने एक बड़ी कार्यवाही करते हुए ग्राम बम्होरी बीका में लगभग 3 करोड़ रुपये मूल्य की 5 हेक्टेयर गौचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। यह कार्रवाई कलेक्टर श्री संदीप जी आर के निर्देशन और राजस्व अमले की सघन निगरानी में संपन्न हुई।

प्रशासन की सख्ती और तहसीलदार का बयान
कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे तहसीलदार श्री राहुल गौड़ ने बताया कि शासन की प्राथमिकता के अनुसार जिले में गौचर और शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान तेज गति से चल रहा है। बम्होरी बीका में भी कुछ लोगों ने वर्षों से इस भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा था। आज की कार्यवाही के बाद भूमि को मुक्त कर ग्रामवासियों के हित में पुनः उपलब्ध कराया गया है।

उन्होंने कहा कि गौचर भूमि सामुदायिक संपत्ति होती है, जिसका उपयोग पशुओं के चराई और जनहित कार्यों के लिए किया जाता है। अवैध कब्जा कर इस तरह की भूमि का निजी उपयोग करना कानूनन अपराध है। प्रशासन अब इस भूमि का पुनः विकास कर ग्रामीणों और पशुपालकों की सुविधा के लिए उपयोग सुनिश्चित करेगा।
पुलिस बल की तैनाती और सख्त चेतावनी
कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई थी। राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने पूरी कार्यवाही को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया।
ग्रामीणों को चेतावनी दी गई कि यदि भविष्य में किसी ने दोबारा इस भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भूमाफियाओं पर नकेल कसने की कवायद
तहसीलदार श्री गौड़ ने यह भी कहा कि कलेक्टर के निर्देशन में पूरे जिले में भूमाफियाओं और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ लगातार अभियान चल रहा है। आने वाले दिनों में भी ऐसी कार्यवाही जारी रहेगी ताकि शासकीय भूमि का सही और जनहितकारी उपयोग सुनिश्चित हो सके।
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
ग्रामवासियों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया। उनका कहना था कि यदि शासकीय भूमि पर से अवैध कब्जे हटते रहेंगे तो गांव के विकास कार्यों और पशुपालकों को काफी राहत मिलेगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस तरह की कार्यवाही निरंतर जारी रखने की मांग की।