सागर। रविवार की शाम सागर शहर के बड़े बाजार की गलियां उस वक्त पुरानी यादों और हंसी-ठहाकों से गूंज उठीं, जब मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत अपने कॉलेज जीवन के पुराने दोस्तों के साथ यहां पहुंचे। लंबे अरसे बाद जब मंत्री राजपूत ने छात्र राजनीति के साथियों से मुलाकात की और बड़े बाजार की मशहूर शेर सिंह की चाट दुकान पर पहुंचे, तो माहौल भावुक हो उठा।
चाट की दुकान पर लौटे पुराने दिन
मंत्री राजपूत ने दोस्तों संग बैठकर वही चाट खाई, जिसे कभी वे अपने छात्र जीवन में रोज़ चखा करते थे। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा—
“करीब 30 साल बाद यहां लौटकर ऐसा लगा जैसे हम फिर से कॉलेज के दिनों में लौट आए हों। वही स्वाद, वही दोस्त और वही अपनापन—बस समय बदल गया है, यादें अब भी ताज़ा हैं।”

गलियों में पैदल यात्रा और चकरा घाट की ओर रुख
चाट खाने के बाद मंत्री राजपूत और उनके साथी बड़े बाजार की भीड़भरी गलियों से पैदल चलते हुए सांवरिया ज्वेलर्स तक पहुंचे और फिर वहां से चकरा घाट की ओर निकल पड़े। देर शाम तक चली इस अनौपचारिक मुलाकात में सभी पुराने साथी बीते दिनों को याद करते हुए हंसी-मजाक और आत्मीय बातचीत में डूबे रहे।
भावुक हुए मंत्री, जताई कृतज्ञता
मंत्री राजपूत ने कहा कि बड़े बाजार की इन्हीं गलियों से उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत हुई थी। छात्र राजनीति के संघर्षों और साथीपन ने ही उन्हें आज इस मुकाम तक पहुँचाया है। उन्होंने कहा—
“बरसों बाद जब दोस्तों से मिलता हूं, तो लगता है जैसे समय ठहर गया है। यही रिश्ते जीवन की असली पूंजी हैं।”

साथियों की मौजूदगी ने बढ़ाई चमक
इस अवसर पर उनके साथ संतोष शर्मा, गोविंद जड़िया, रामेश्वर नामदेव, गोविंद चाजोदिया, दिनेश सिंघाई, दुर्गा बाजपेई, नरेंद्र सोनी, नितीन सोनी, विक्रम सोनी, प्रदीप पाठक, वीरेंद्र पाठक, शिशु भट्ट, योगेश सराफ और ज्वाला खटीक सहित कई पुराने साथी मौजूद रहे। सभी ने छात्र राजनीति की घटनाओं, संघर्षों और मस्ती भरे किस्सों को साझा किया।
संदेश : व्यस्तता के बीच रिश्तों को संजोना ज़रूरी
इस मुलाकात ने न सिर्फ मंत्री राजपूत बल्कि उनके साथियों को भी यह अहसास कराया कि दोस्ती और अपनत्व का रिश्ता समय और दूरी से कभी कमजोर नहीं होता। व्यस्त राजनीतिक और सामाजिक जीवन के बीच पुराने दोस्तों संग कुछ पल बिताना ऊर्जा और उत्साह का नया संचार करता है।