सागर जिले में समय से स्कूल नहीं पहुंचे और अनुपस्थित रहने पर 11 शिक्षकों पर कार्रवाई

Spread the love

सागर जिले में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच जिला प्रशासन ने सरकारी स्कूलों की स्थिति का जायजा लेने के लिए औचक निरीक्षण अभियान शुरू किया है। इस क्रम में 9 जुलाई 2025 को जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) श्री अरविंद जैन ने शासकीय एकीकृत माध्यमिक शाला, बम्होरी डूडर सहित अन्य शालाओं का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान कई खामियां उजागर हुईं, जिससे जिले की शिक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई है।


मुख्य निरीक्षण – बम्होरी डूडर विद्यालय:

निरीक्षण के दौरान बम्होरी डूडर विद्यालय पूरी तरह बंद मिला। विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगा हुआ था, जिसे छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों की मौजूदगी में तुड़वाया गया। अंदर प्रवेश करने के बाद देखा गया कि—

  • विद्यालय परिसर में भारी गंदगी फैली हुई थी।

  • विद्यालय में पदस्थ 8 शिक्षकों में से 7 शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। केवल एक शिक्षक अवकाश पर था।

  • समय पर स्कूल नहीं खुलना और जल्दी बंद हो जाना एक नियमित समस्या बन चुकी थी, जिसे स्थानीय ग्रामीणों ने भी पुष्टि की।

इस निरीक्षण में प्रभारी प्रधानाध्यापक तुलसीराम अहिरवार की भूमिका सबसे ज्यादा संदिग्ध पाई गई। उन पर लापरवाही और कर्तव्यों के निर्वहन में असफलता के आरोप प्रमाणित होने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।


अन्य विद्यालयों की स्थिति:

डीईओ ने बम्होरी डूडर के अतिरिक्त अन्य कई विद्यालयों का भी निरीक्षण किया। इनमें शामिल हैं:

  1. हाई स्कूल गुड़ा

  2. प्राथमिक शाला गुड़ा

  3. हाई स्कूल डुगांगासरा

  4. उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सानौधा

इन स्कूलों में भी कई शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। निरीक्षण दल ने इन शिक्षकों के प्रति अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए एक दिन का वेतन काटने का निर्णय लिया।


वेतन कटौती की सूची:

निरीक्षण में अनुपस्थित पाए गए निम्न शिक्षकों का एक दिन का वेतन काटा गया:

  • सुलभा शर्मा

  • चेतन जैन

  • स्वीटी राजपूत

  • नीलेश जैन

  • ममता श्रीवास्तव

  • राकेश पटेल

  • तुलसीराम अहिरवार

  • सुषमा चढ़ार

  • सीमा अहिरवार

  • राखी गौड़

  • रिचा द्विवेदी


जिला शिक्षा अधिकारी का बयान:

जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद जैन ने कहा:

“शासन की मंशा है कि हर बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करे। लापरवाह और गैरहाजिर शिक्षकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और जो शिक्षक अपने दायित्वों से विमुख पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।”


सागर जिले की शिक्षा व्यवस्था को लेकर यह औचक निरीक्षण एक चेतावनी स्वरूप है। यह स्पष्ट है कि कई विद्यालयों में अनुशासन और जिम्मेदारी की भारी कमी है। यह अभियान न केवल शैक्षणिक ढांचे को सुधारने की दिशा में एक आवश्यक कदम है, बल्कि छात्रों के भविष्य की सुरक्षा और समाज में शिक्षा के महत्व को पुनः स्थापित करने का प्रयास भी है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि प्रशासन इन प्रयासों को कितनी गंभीरता से लागू करता है और इसमें कितनी स्थायित्वता आती है।

ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया

संवाददाता – अर्पित सेन
7806077338, 9109619237

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *