छतरपुर। जिले में एक 5 वर्षीय बच्ची के गले में फंसा 5 रुपये का सिक्का जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. मनोज चौधरी ने बिना ऑपरेशन सफलतापूर्वक निकाल दिया। डॉक्टर की कुशलता से बच्ची को तुरंत राहत मिली और परिजनों ने भी चैन की सांस ली। यह मामला बड़ामलहरा क्षेत्र के ग्राम मैलवार का है।
खेलते समय निगल लिया सिक्का
जानकारी के अनुसार मैलवार गांव निवासी अशोक कुमार की 5 वर्षीय बेटी माही अहिरवार ने शनिवार को खेलते समय गलती से 5 रुपये का सिक्का निगल लिया था। सिक्का उसके गले में फंस गया, जिसके कारण उसे खाने-पीने में काफी परेशानी होने लगी।
सिक्का फंसने के कारण बच्ची दो दिनों तक कुछ भी ठीक से खा-पी नहीं पा रही थी। इससे परिजन काफी घबरा गए और बच्ची की हालत को लेकर चिंतित हो गए।

डॉक्टर से संपर्क कर अस्पताल लाए परिजन
घटना की जानकारी जब बच्ची की बुआ को लगी तो उन्होंने छतरपुर के चिकित्सक डॉ. मनोज चौधरी से संपर्क किया। डॉक्टर ने तुरंत बच्ची को छतरपुर लाने की सलाह दी। इसके बाद पिता शनिवार देर रात करीब 9 बजे बच्ची को लेकर अस्पताल पहुंचे।
बिना ऑपरेशन के निकाला सिक्का
अस्पताल पहुंचने पर डॉ. मनोज चौधरी ने बच्ची की जांच की। जांच में पता चला कि सिक्का उसके गले में फंसा हुआ है। डॉक्टर ने अपनी कुशलता और अनुभव का उपयोग करते हुए बिना किसी ऑपरेशन के सावधानीपूर्वक सिक्का बाहर निकाल दिया।
सिक्का निकलते ही बच्ची को तुरंत राहत मिल गई और वह सामान्य रूप से सांस लेने और पानी पीने लगी। बच्ची की हालत में सुधार देखकर परिजनों ने राहत की सांस ली।
अब तक 500 से अधिक बच्चों की बचाई जान
डॉ. मनोज चौधरी ने बताया कि बच्चों द्वारा खेलते समय सिक्के या अन्य छोटी वस्तुएं निगल लेने के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं। उन्होंने बताया कि अब तक वह लगभग 500 बच्चों के गले या भोजन नली में फंसे सिक्के और अन्य वस्तुएं बिना ऑपरेशन के सफलतापूर्वक निकाल चुके हैं।

डॉक्टर के प्रति जताया आभार
बच्ची के परिजनों ने समय पर उपचार और सफल उपचार के लिए डॉ. मनोज चौधरी का आभार व्यक्त किया। उनका कहना था कि डॉक्टर की तत्परता और अनुभव के कारण उनकी बेटी को बड़ी परेशानी से बचाया जा सका।
डॉक्टरों ने अभिभावकों से भी अपील की है कि छोटे बच्चों को खेलते समय सिक्के या अन्य छोटी वस्तुएं न दें और उन पर हमेशा निगरानी रखें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।