MFIN और BSS सोनाटा फाइनेंस की पहल, ग्रामीण महिलाओं और ग्राहकों को दी वित्तीय सुरक्षा एवं समझ की सीख !

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सागर। आर्थिक सशक्तिकरण सिर्फ बटुए में बढ़ते पैसों का नाम नहीं, बल्कि समझदारी से हर रुपये का इस्तेमाल करना भी है। इसी विचार को आधार बनाते हुए माइक्रोफाइनेंस इंडस्ट्री नेटवर्क (MFIN), जो भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मान्यता प्राप्त NBFC-MFI के लिए राष्ट्रीय स्तर का स्व-नियामक संस्थान है, ने आज सागर जिले में BSS सोनाटा फाइनेंस के सहयोग से माइक्रोफाइनेंस ग्राहक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को वित्तीय मामलों में दक्ष बनाना और उन्हें अपने आर्थिक फैसलों में आत्मनिर्भर बनाना था। कार्यक्रम में विशेष रूप से महिलाओं और ग्रामीण उपभोक्ताओं को वित्तीय अनुशासन व सुरक्षा की शपथ दिलाई गई।

कार्यक्रम में दी गई प्रमुख जानकारियाँ

बचत और निवेश
प्रतिभागियों को बताया गया कि कम आय में भी बचत की आदत बड़ा बदलाव ला सकती है। विभिन्न योजनाओं और निवेश विकल्पों की जानकारी दी गई।

ऋण और कर्ज प्रबंधन
सही तरीके से ऋण लेने, समय पर किस्तें चुकाने और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।

बजटिंग
दैनिक जीवन में खर्चों को नियंत्रित करने और जरूरी बनाम गैर-जरूरी खर्च पहचानने की टिप्स दी गईं।

बीमा जागरूकता
जीवन व स्वास्थ्य बीमा के महत्व और लाभों की जानकारी साझा की गई।

धोखाधड़ी से बचाव
प्रतिभागियों को बताया गया कि फर्जी कॉल, अनधिकृत ऋणदाताओं और धोखाधड़ी से कैसे सतर्क रहें।

वक्ताओं के विचार

कार्यक्रम का शुभारंभ MFIN के रीजनल हेड श्री धीरज सोनी ने किया। उन्होंने कहा,
“वित्तीय साक्षरता आज की आवश्यकता है। सागर में 35 माइक्रोफाइनेंस कंपनियाँ RBI के नियमों के तहत काम कर रही हैं। हम सुनिश्चित करना चाहते हैं कि लोग सुरक्षित वित्तीय सेवाओं का उपयोग करें और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करें।”

उन्होंने ग्राहकों से अपील की कि किसी भी समस्या पर अपने लोन कार्ड में दिए शिकायत निवारण नंबर या MFIN के टोल-फ्री नंबर पर संपर्क करें।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला अग्रणी प्रबंधक श्री चेतेंद्र सिंह ने कहा,
“महिलाएँ आवश्यकता अनुसार ऋण लें और समय पर भुगतान करें। इससे वे आर्थिक रूप से मजबूत होती हैं और परिवार व समाज दोनों को सशक्त बनाती हैं।”

उन्होंने इस पहल को सामुदायिक विकास और वित्तीय जागरूकता का महत्वपूर्ण कदम बताया।

संदेश और माहौल

कार्यक्रम में न सिर्फ सीख थी, बल्कि उत्साह भी। महिलाएँ पन्नियों पर लिख रही थीं, युवा सिर हिला कर समझदारी की मंजूरी दे रहे थे, और वक्ता एक-एक वित्तीय सच्चाई को सरल उदाहरणों में बुन रहे थे। यह आयोजन दिखा गया कि सही ज्ञान और जागरूकता से हर घर आर्थिक रूप से मजबूत बन सकता है।

सागर में आयोजित यह कार्यक्रम ना केवल वित्तीय ज्ञान का संचार था, बल्कि भरोसे और आत्मनिर्भरता की नई नींव भी। माइक्रोफाइनेंस संस्थान और प्रशासन की यह संयुक्त पहल लोगों को सही वित्तीय दिशा देकर उनके सपनों को जमीन देने की ओर दृढ़ कदम है।

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