ग्वालियर: ऑनलाइन ठगी का एक गंभीर मामला ग्वालियर से सामने आया है, जहां भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (IITTM) में पदस्थ प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. विनय कुमार राय साइबर ठगों का शिकार हो गए। ठगों ने पंजाब नेशनल बैंक (PNB) का मोबाइल एप अपडेट कराने के बहाने उनके मोबाइल में फर्जी APK फाइल डाउनलोड करवा ली, जिसके बाद उनके तीन अलग-अलग बैंक खातों से कुल 1 लाख 72 हजार रुपए निकाल लिए गए।
पीड़ित डॉ. विनय कुमार राय ने इस संबंध में साइबर सेल, एसपी ऑफिस और थाटीपुर थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सोशल मीडिया शिकायत बनी ठगी की वजह
डॉ. विनय कुमार राय ने पुलिस को बताया कि उनके मोबाइल में PNB वन एप सही तरीके से काम नहीं कर रहा था। एप की समस्या को लेकर उन्होंने बैंक से संबंधित एक सोशल मीडिया पोस्ट पर शिकायत दर्ज की थी। इसके कुछ समय बाद उनके वॉट्सऐप पर एप अपडेट के नाम से एक फाइल भेजी गई।

ठगों ने खुद को बैंक से जुड़ा बताते हुए कहा कि एप अपडेट करने के लिए भेजी गई फाइल डाउनलोड करना जरूरी है। जल्दबाजी और भरोसे में आकर डॉ. राय ने बिना जांच किए उस फाइल को डाउनलोड कर लिया, जो कि एक फर्जी APK फाइल थी।
फाइल डाउनलोड करते ही खातों से निकले रुपए
डॉ. राय ने बताया कि जैसे ही उन्होंने APK फाइल को इंस्टॉल किया, वैसे ही उनके मोबाइल से जुड़े चेतकपुरी और साडा ब्रांच के तीन खातों से लगातार ट्रांजैक्शन होने लगे। कुछ ही मिनटों में ठगों ने उनकी
- एफडीआर खाते से 1 लाख रुपए,
- आरडी खाते से 30 हजार रुपए,
- सेविंग अकाउंट से 42 हजार रुपए
निकाल लिए।
फोन कर बताया गया एप अपडेट का तरीका
पीड़ित के अनुसार, सोशल मीडिया पर शिकायत करने के बाद उन्हें 98630 49421 नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को बैंक का प्रतिनिधि बताया और वॉट्सऐप पर भेजी गई फाइल से एप अपडेट करने को कहा। फाइल APK फॉर्मेट में थी, लेकिन जल्दबाजी में उन्होंने उस पर ध्यान नहीं दिया और फाइल इंस्टॉल कर ली।
बैंक ने खाते फ्रीज कराए
घटना का पता चलते ही डॉ. विनय कुमार राय ने तुरंत बैंक से संपर्क किया। बैंक अधिकारियों ने उनके खाते फ्रीज कराए और उन्हें पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। इसके बाद उन्होंने साइबर सेल और थाटीपुर थाना पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी।
पुलिस की अपील: APK फाइल से रहें सतर्क
मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि यदि किसी के वॉट्सऐप या अन्य माध्यम से APK फाइल आती है, तो उसे बिल्कुल न खोलें। साइबर ठग APK फाइल के जरिए मोबाइल को हैक कर लेते हैं और फोन का पूरा एक्सेस लेकर बैंक खातों से रुपए निकाल लेते हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बैंक से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए केवल आधिकारिक हेल्पलाइन या बैंक शाखा से ही संपर्क करें और किसी भी अनजान कॉल, लिंक या फाइल पर भरोसा न करें।