नई दिल्ली। लोकसभा में मंगलवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने चुनाव सुधार (SIR) पर 28 मिनट का भाषण देकर केंद्र सरकार और संवैधानिक संस्थाओं पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि RSS और BJP देश की प्रमुख संस्थाओं—चुनाव आयोग, ईडी, सीबीआई, आईबी और इनकम टैक्स—पर कब्जा कर रही हैं, जिससे लोकतंत्र को सीधा नुकसान हो रहा है।
राहुल की स्पीच के दौरान सदन में 5 बार हंगामा हुआ। हरियाणा की वोटर लिस्ट में ब्राजीलियन मॉडल की फोटो जुड़ने वाले मामले पर कांग्रेस MPs ने मॉडल की तस्वीरें लहराईं तो स्पीकर ओम बिरला नाराज हो गए और कहा—“ऐसे सदन नहीं चलेगा।”

राहुल गांधी ने सदन में 3 बड़ी मांगें रखीं
- मशीन रीडेबल वोटर लिस्ट सभी दलों को चुनाव से एक माह पहले मिले।
- CCTV फुटेज डिलीट करने वाला नियम बदले, ताकि पारदर्शिता रहे।
- चुनाव के बाद EVM देखने दी जाए, क्योंकि वोट चोरी सबसे बड़ा एंटी-नेशनल अपराध है।
राहुल ने कहा—“सरकार चुनाव सुधार नहीं चाहती। चुनाव आयोग को सरकार नियंत्रित कर रही है।”
राहुल गांधी के 3 सीधे सवाल सरकार से
- चुनाव आयुक्त की नियुक्ति में CJI को क्यों हटाया गया?
- 2023 में ऐसा कानून क्यों लाया गया, जिसमें चुनाव आयुक्त को दंडित नहीं किया जा सकता?
- 45 दिन बाद CCTV फुटेज क्यों डिलीट किए जाते हैं?
विपक्षी नेताओं का भी सरकार पर हमला
सपा प्रमुख अखिलेश यादव
- कहा—“सरकार और चुनाव आयोग मिलकर SIR के बहाने NRC जैसा काम कर रहे हैं।”
- यूपी के मुख्यमंत्री डिटेंशन सेंटर बनाने की बात कर रहे हैं।
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी
- बोले—“SIR वोट डिलीट करने का टूल बन गया है।”
- चुनाव आयोग को नागरिकता तय करने का अधिकार नहीं।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी
- दावा—“12 राज्यों में चल रहा SIR गैरकानूनी है। संविधान में ऐसी प्रक्रिया का कोई प्रावधान नहीं है।”
- मांग—चुनाव से पहले कैश ट्रांसफर पर रोक लगे और EVM की जगह बैलेट पेपर वापस लाए जाएं।