सागर जिले में आयुष विभाग द्वारा निशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर आमजन को स्वास्थ्य सेवाओं के साथ योग एवं रोगों से बचाव संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। संचालनालय आयुष विभाग मध्यप्रदेश शासन भोपाल के निर्देशानुसार तथा Dr. Jogendra Singh Thakur के मार्गदर्शन में शुक्रवार को विभिन्न स्थानों पर आयुष होम्योपैथिक एवं यूनानी स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए।
शहर के तिली परिसर स्थित Government Homeo/Unani Dispensary No. 1 द्वारा आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-71 तिलकगंज वार्ड में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। शिविर में वार्डवासियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यक परामर्श दिया गया तथा निशुल्क औषधियों का वितरण किया गया। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने शिविर का लाभ उठाया।

शिविर के दौरान बच्चों को योगाभ्यास कराया गया और नियमित योग करने से होने वाले स्वास्थ्य लाभों की जानकारी दी गई। आयुष विभाग के चिकित्सकों ने बताया कि योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मानसिक तनाव को कम करने में भी सहायक है।
गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए शिविर में लोगों को लू से बचाव के उपाय भी बताए गए। चिकित्सकों ने पर्याप्त पानी पीने, धूप में अनावश्यक बाहर न निकलने और शरीर को ठंडा रखने की सलाह दी। साथ ही होम्योपैथिक औषधि ग्लोनोइनम-30 का वितरण कर लोगों को गर्मी से बचाव के प्रति जागरूक किया गया।

इसी क्रम में आयुष विभाग द्वारा ग्राम अमोदा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-87 में भी निशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। यहां ग्रामीणों को आगामी International Day of Yoga के अंतर्गत चल रहे “100 दिवस काउंटडाउन अभियान” की जानकारी दी गई। शिविर में ग्रामीणों को योग अपनाने के लिए प्रेरित किया गया तथा सामूहिक योगाभ्यास भी कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान “100 दिवस टीबी मुक्ति भारत अभियान” और निक्षय अभियान के तहत टीबी रोग के लक्षण, बचाव एवं आयुष औषधियों के उपयोग संबंधी जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई। स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से समय पर जांच कराने और टीबी के प्रति जागरूक रहने की अपील की।
ग्राम अमोदा में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में कुल 61 हितग्राहियों ने स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया। आयुष विभाग द्वारा आयोजित इन शिविरों को ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। विभाग का उद्देश्य लोगों को आयुष पद्धति, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति जागरूक कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।