इंस्टाग्राम दोस्ती के बाद महिला लापता: ढाई साल की बच्ची को साथ ले गई, एक माह बाद भी नहीं मिला सुराग !

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मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक महिला सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती के बाद अचानक लापता हो गई। महिला अपने साथ अपनी ढाई साल की मासूम बच्ची को भी ले गई, जबकि घर पर उसकी चार छोटी बेटियां मां के इंतजार में दिन गिन रही हैं। घटना को एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक महिला और बच्ची का कोई पता नहीं चल सका है।

इलाज का कहकर निकली, फिर नहीं लौटी

पीड़ित पति मूलचन्द्र अहिरवार के अनुसार, उसकी पत्नी 30 मार्च 2026 को जिला अस्पताल जाने का कहकर घर से निकली थी। उस समय वह मजदूरी के सिलसिले में दिल्ली में था। पत्नी के वापस न लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद 1 अप्रैल को कोतवाली थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

हालांकि रिपोर्ट दर्ज हुए एक माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन पुलिस अब तक महिला और बच्ची का कोई ठोस सुराग नहीं लगा पाई है। इससे परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

सोशल मीडिया दोस्ती बनी शक का कारण

परिजनों ने महिला के लापता होने के पीछे सोशल मीडिया कनेक्शन को प्रमुख कारण बताया है। उनका कहना है कि महिला की दोस्ती Instagram के जरिए एक युवक से हुई थी। यह युवक कथित रूप से अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर हथियारों जैसे कट्टा और बंदूक के वीडियो पोस्ट करता था।

परिवार को आशंका है कि महिला उसी युवक के साथ चली गई है। इस वजह से न केवल परिवार बल्कि आसपास के लोगों में भी डर का माहौल बना हुआ है। परिजनों का कहना है कि महिला अपने साथ जरूरी दस्तावेज और बैंक पासबुक भी ले गई, जिससे उनकी शंका और गहरा गई है।

चार बेटियां मां के इंतजार में

घर में रह रही महिला की चारों बेटियां अपनी मां के लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं। सबसे छोटी बच्ची, जिसे महिला अपने साथ ले गई, अभी ढाई साल की है। बाकी चार बेटियां घर पर ही हैं और मां के बिना बेहद परेशान हैं।

पति मूलचन्द्र का कहना है कि बच्चियां रोज अपनी मां के बारे में पूछती हैं, लेकिन उसके पास कोई जवाब नहीं होता। आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर है और अब परिवार पर मानसिक व भावनात्मक दबाव भी बढ़ गया है।

पुलिस पर लापरवाही के आरोप

परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस को करीब 15 दिन पहले महिला के संभावित ठिकाने की जानकारी मिल गई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

परिवार का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई की जाती, तो शायद महिला और बच्ची को अब तक ढूंढ लिया जाता। इस लापरवाही को लेकर परिजन बेहद नाराज हैं।

एसपी ऑफिस पहुंचकर लगाई गुहार

न्याय की आस में पीड़ित पति और परिजन बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और मामले में तेजी लाने की मांग की। उन्होंने अधिकारियों से अनुरोध किया कि महिला और बच्ची को जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद किया जाए।

पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही कोई ठोस परिणाम सामने आएगा। हालांकि, अब तक की धीमी प्रगति से परिवार संतुष्ट नहीं है।

बढ़ता साइबर कनेक्शन का खतरा

यह मामला एक बार फिर सोशल मीडिया के जरिए बनने वाले रिश्तों और उनके खतरों को उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बिना पूरी जानकारी के किसी अनजान व्यक्ति पर भरोसा करना कई बार गंभीर परिणाम ला सकता है।

ग्रामीण और छोटे शहरों में सोशल मीडिया का तेजी से बढ़ता प्रभाव लोगों को नए संपर्कों तक पहुंचा रहा है, लेकिन इसके साथ ही जोखिम भी बढ़ रहे हैं। खासकर महिलाओं और युवाओं को सतर्क रहने की जरूरत है।

पुलिस जांच जारी

फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है और विभिन्न पहलुओं पर काम कर रही है। मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और सोशल मीडिया कनेक्शन की जांच की जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही महिला और बच्ची का पता लगा लिया जाएगा।

परिवार की उम्मीदें कायम

एक महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद परिवार की उम्मीदें अभी भी कायम हैं। चार मासूम बेटियों की आंखें अपनी मां की राह देख रही हैं, वहीं पति हर दिन इस उम्मीद में जी रहा है कि उसकी पत्नी और बच्ची सकुशल वापस लौट आएंगी।

यह मामला न केवल एक परिवार की पीड़ा को दर्शाता है, बल्कि समाज को भी सतर्क रहने का संदेश देता है कि डिजिटल दुनिया में रिश्ते बनाते समय सावधानी बेहद जरूरी है।

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