एआई से पढ़ाई में क्रांति, यूपीआई की तर्ज पर बनेगा भारत बोधन डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म !

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नई दिल्ली। देश की शिक्षा व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। पढ़ाई को आसान, सुलभ और व्यक्तिगत बनाने के उद्देश्य से सरकार यूपीआई की तर्ज पर एक राष्ट्रीय डिजिटल शिक्षा प्लेटफॉर्म विकसित कर रही है। यह प्लेटफॉर्म ‘भारत बोधन एआई स्टैक’ के नाम से तैयार किया जा रहा है, जिसके माध्यम से छात्र मोबाइल पर किसी भी विषय का कोई भी टॉपिक ऑडियो और वीडियो फॉर्मेट में पढ़ सकेंगे।

इस प्लेटफॉर्म की सबसे खास बात यह होगी कि छात्र अपनी पसंदीदा भाषा और पसंदीदा शिक्षक की आवाज में लेक्चर सुन सकेंगे। जैसे यूपीआई पर भीम, गूगलपे, पेटीएम और फोनपे जैसे ऐप काम करते हैं, उसी तरह शिक्षा से जुड़े अलग-अलग मोबाइल ऐप भारत बोधन एआई स्टैक पर आधारित होंगे।

सवाल पूछते ही मिलेगा कस्टमाइज्ड लेक्चर

भारत बोधन एआई स्टैक पूरी तरह कस्टमाइज्ड और इंटरेक्टिव होगा। छात्र जैसे ही कोई सवाल पूछेगा, उसी के अनुसार एआई आधारित लेक्चर तैयार हो जाएगा। छात्र ऑडियो या वीडियो का विकल्प चुन सकेंगे। भाषा बदलने के बाद भी शिक्षक की आवाज, पढ़ाने का अंदाज और टोन वही रहेगा। इससे छात्रों को कक्षा जैसा अनुभव मिलेगा और वे तुरंत सवाल पूछकर जवाब भी प्राप्त कर सकेंगे।

12 फरवरी को होगी ‘बोधन एआई’ की औपचारिक शुरुआत

शिक्षा में एआई के संस्थागत उपयोग को बढ़ावा देने के लिए 12 फरवरी को नई दिल्ली के भारत मंडपम में ‘बोधन एआई’ पहल की औपचारिक शुरुआत की जाएगी। इस अवसर पर आयोजित भारत बोधन एआई कॉन्क्लेव में चुनिंदा एआई समाधानों का प्रदर्शन भी किया जाएगा।

भारत बोधन एआई स्टैक के अंतर्गत स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा, कौशल विकास, एआई रिसर्च और डीप टेक्नोलॉजी से जुड़े प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। ये सभी प्रस्ताव राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा के अनुरूप होंगे। इस प्लेटफॉर्म को चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में लागू किया जाएगा।

आईआईटी मद्रास में स्थापित हुआ सेंटर फॉर एक्सीलेंस

शिक्षा मंत्रालय ने आईआईटी मद्रास में ‘एआई इन एजुकेशन’ के लिए सेंटर फॉर एक्सीलेंस की स्थापना की है, जिसे आईआईटी मद्रास बोधन एआई फाउंडेशन नाम दिया गया है। इस केंद्र को भारत बोधन एआई स्टैक के तहत बड़े पैमाने पर उपयोग किए जा सकने वाले एआई समाधान विकसित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यदि कोई 12वीं का छात्र ऑप्टिक्स पढ़ना चाहता है तो वह प्लेटफॉर्म पर विषय चुनकर अपनी जरूरत के अनुसार कंटेंट प्राप्त कर सकेगा। एनसीईआरटी और राज्य बोर्डों की पाठ्यपुस्तकों को एआई रिपोजिटरी का हिस्सा बनाया जाएगा। इसे अगले दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रतियोगी परीक्षा और रिसर्च में भी मिलेगी मदद

यह प्लेटफॉर्म केवल स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, यूनिवर्सिटी स्तर की पढ़ाई, थ्री-डी लैब एक्सपीरियंस और रिसर्च स्कॉलर्स के शोध कार्य में भी मदद करेगा।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि हाल ही में बजट भाषण को एआई की मदद से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की आवाज और टोन में हिंदी और कन्नड़ भाषा में प्रसारित किया गया था। इसी तकनीक का उपयोग अब शिक्षा के क्षेत्र में किया जाएगा, जिससे देशभर के छात्रों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी।

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