पिछले हफ्ते शेयर बाजार में आई जोरदार तेजी का सीधा फायदा देश की दिग्गज कंपनियों को मिला। भारत की टॉप-10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में से 8 की संयुक्त मार्केट वैल्यूएशन में 4.55 लाख करोड़ रुपए का इजाफा हुआ। इस दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे बड़ी गेनर बनकर उभरी, जबकि आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनियां टीसीएस और इंफोसिस पिछड़ गईं।
बीते पांच कारोबारी दिनों में सेंसेक्स 2,857.46 अंक यानी 3.53% चढ़ा, जिससे बाजार का सेंटीमेंट मजबूत हुआ और निवेशकों की संपत्ति में बड़ा इजाफा देखने को मिला।
बैंकिंग और टेलीकॉम सेक्टर रहे रैली के हीरो
बाजार की इस तेजी में बैंकिंग और टेलीकॉम सेक्टर सबसे आगे रहे। भारती एयरटेल की मार्केट वैल्यू 52,516.39 करोड़ रुपए बढ़कर 11.62 लाख करोड़ के पार पहुंच गई। प्राइवेट सेक्टर के बैंकों में आईसीआईसीआई बैंक की वैल्यू 52,476.97 करोड़ रुपए बढ़ी, जबकि एचडीएफसी बैंक की मार्केट कैप में 32,350.28 करोड़ रुपए का इजाफा हुआ।

सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) को भी रैली का फायदा मिला। SBI की मार्केट वैल्यू 45,460.79 करोड़ रुपए बढ़कर 9.84 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गई।
एलआईसी और बजाज फाइनेंस में मजबूत उछाल
सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी की मार्केट वैल्यू में भी पिछले हफ्ते बड़ा सुधार देखने को मिला। एलआईसी की वैल्यू 64,926.1 करोड़ रुपए बढ़कर 5.70 लाख करोड़ रुपए हो गई।
वहीं, बजाज फाइनेंस की मार्केट कैप में 48,659.83 करोड़ रुपए का इजाफा हुआ, जिससे इसकी कुल वैल्यू 6.10 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई।
एफएमसीजी सेक्टर को भी मिला सहारा
एफएमसीजी सेक्टर की दिग्गज कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) की मार्केट वैल्यू में भी 17,058.03 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई। डिफेंसिव शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बने रहने से एफएमसीजी सेक्टर को समर्थन मिला।
आईटी सेक्टर पर दबाव, 1.51 लाख करोड़ घटे
जहां एक ओर ज्यादातर सेक्टरों में तेजी रही, वहीं आईटी सेक्टर के लिए पिछला हफ्ता कमजोर साबित हुआ। टीसीएस की मार्केट वैल्यू 88,172.8 करोड़ रुपए घटकर 10.64 लाख करोड़ रुपए रह गई। वहीं, इंफोसिस की वैल्यू में भी 63,462.66 करोड़ रुपए की गिरावट आई।
दोनों कंपनियों की संयुक्त मार्केट वैल्यू में कुल 1.51 लाख करोड़ रुपए की कमी दर्ज की गई।
आईटी शेयरों में बिकवाली की वजह
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, दुनिया भर में टेक कंपनियों के कमजोर प्रदर्शन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर भविष्य की अनिश्चितता और ऊंचे वैल्यूएशन को लेकर बढ़ती चिंताओं की वजह से निवेशकों ने आईटी शेयरों में मुनाफावसूली की। इसी कारण टीसीएस और इंफोसिस जैसे बड़े शेयर दबाव में रहे।