सागर। मध्यप्रदेश ने ऊर्जा क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए अपनी कुल ट्रांसफॉर्मेशन कैपेसिटी (पारेषण क्षमता) को 85 हजार एमवीए के पार पहुंचा दिया है। ऊर्जा मंत्री Pradhuman Singh Tomar ने जानकारी देते हुए बताया कि अब राज्य की कुल ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता बढ़कर 85,284 एमवीए हो गई है। यह उपलब्धि राज्य की ऊर्जा अवसंरचना को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इस उपलब्धि में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) की अहम भूमिका रही है। कंपनी द्वारा सागर जिले के 400 केवी सबस्टेशन बीना में 315 एमवीए क्षमता के अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर को सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत किया गया है। इस नए ट्रांसफार्मर के जुड़ने से बीना सबस्टेशन की कुल क्षमता बढ़कर 1260 एमवीए हो गई है, जिससे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ एवं विश्वसनीय बनेगी।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि बीना क्षेत्र में तेजी से बढ़ते औद्योगिक विकास और विद्युत मांग को देखते हुए यह क्षमता विस्तार आवश्यक था। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से न केवल वर्तमान मांग पूरी होगी, बल्कि भविष्य में बढ़ने वाली बिजली जरूरतों को भी आसानी से पूरा किया जा सकेगा। इससे उद्योगों, कृषि और घरेलू उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता की निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

उन्होंने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रदेश के सभी बिजली कर्मियों, अभियंताओं और अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता उनकी तकनीकी दक्षता, समर्पण और निरंतर मेहनत का परिणाम है, जिसने प्रदेश के ऊर्जा ढांचे को मजबूत किया है।
सागर जिले की ऊर्जा क्षमता में भी इस परियोजना से उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जिले में एमपी ट्रांसको द्वारा 12 एक्स्ट्रा हाई टेंशन सबस्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण किया जाता है। इनमें 400 केवी सबस्टेशन बीना और सागर, 220 केवी सबस्टेशन बीना तथा 132 केवी के सागर, बंडा, राहतगढ़, देवरी, खुरई, खिमलासा, गौरझामर, गढ़ाकोटा और रहली जैसे महत्वपूर्ण सबस्टेशन शामिल हैं। इस विस्तार के बाद सागर जिले की कुल ट्रांसफॉर्मेशन कैपेसिटी बढ़कर 3,906 एमवीए हो गई है।
प्रदेश स्तर पर देखें तो एमपी ट्रांसको के पास वर्तमान में कुल 85,248 एमवीए ट्रांसफॉर्मेशन कैपेसिटी है। कंपनी के नेटवर्क में कुल 1,052 अति उच्च दाब ट्रांसफार्मर कार्यरत हैं, जिनमें 400 केवी के 41, 220 केवी के 220 और 132 केवी के 791 ट्रांसफार्मर शामिल हैं।
इसके साथ ही कंपनी द्वारा 43,079 सर्किट किलोमीटर लंबी अति उच्च दाब ट्रांसमिशन लाइनों का संचालन किया जा रहा है। पूरे प्रदेश में कुल 417 सबस्टेशन कार्यरत हैं, जिनमें 400 केवी के 14, 220 केवी के 88 और 132 केवी के 315 सबस्टेशन शामिल हैं।

अधिकारियों के अनुसार, बीना सबस्टेशन में की गई यह क्षमता वृद्धि प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। विशेषकर सागर और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए यह परियोजना आने वाले वर्षों में ऊर्जा सुरक्षा और स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कुल मिलाकर, यह उपलब्धि मध्यप्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में तकनीकी प्रगति, मजबूत आधारभूत संरचना और भविष्य की जरूरतों के प्रति तैयारियों का स्पष्ट संकेत है, जिससे राज्य की विकास गति को और मजबूती मिलेगी।