बीना (सागर)। बीना विकासखंड में हर रविवार आयोजित होने वाला साप्ताहिक जैविक हाट बाजार अब सफलता की एक नई मिसाल बन चुका है। पिछले छह महीनों से लगातार संचालित यह बाजार किसानों और शहरवासियों दोनों के लिए एक भरोसेमंद मंच के रूप में उभरा है, जहां रसायन मुक्त ताजी सब्जियों और फलों की सीधी बिक्री की जा रही है।

इस जैविक हाट बाजार की शुरुआत बहुत छोटे स्तर पर हुई थी। शुरुआत में केवल 12 किसान ही इसमें शामिल हुए थे, जो अपने खेतों में उगाई गई जैविक सब्जियां और कृषि उत्पाद लेकर आते थे। धीरे-धीरे इस पहल से अन्य किसान भी जुड़ते गए और अब यह संख्या बढ़कर 16 किसानों तक पहुंच गई है। किसानों की बढ़ती भागीदारी इस बात का संकेत है कि जैविक खेती को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता और विश्वास दोनों बढ़ रहे हैं।
यह बाजार हर रविवार सुबह 7 बजे से शुरू होता है। विशेष बात यह है कि गर्मी के मौसम में भी बड़ी संख्या में शहरवासी सुबह-सुबह ही बाजार में पहुंचकर जैविक सब्जियों की खरीदारी करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां मिलने वाले उत्पाद ताजगी और गुणवत्ता के मामले में पारंपरिक बाजारों से बेहतर होते हैं।

इस हाट बाजार में टमाटर, ककड़ी, गिलकी, लौकी, पालक, पुदीना, धनिया, चुकंदर, नींबू जैसी ताजी जैविक सब्जियां उपलब्ध रहती हैं। इसके साथ ही अंजीर, आम, बेल और पपीता जैसे मौसमी फल भी यहां खरीदारों को आसानी से मिल जाते हैं। सबसे खास बात यह है कि बाजार शुरू होने के कुछ ही घंटों के भीतर अधिकांश उत्पाद बिक जाते हैं, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है।
किसानों का कहना है कि इस बाजार ने उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पहले जहां उन्हें अपने उत्पाद बेचने के लिए कई बिचौलियों पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब वे सीधे उपभोक्ताओं को अपनी फसल बेच रहे हैं, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी हुई है। साथ ही लोगों का भरोसा भी जैविक उत्पादों की ओर तेजी से बढ़ा है।
शहरवासियों का कहना है कि इस बाजार से उन्हें रसायन मुक्त, ताजी और सुरक्षित सब्जियां मिल रही हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। कई लोगों ने यह भी इच्छा जताई है कि यदि ऐसा जैविक बाजार प्रतिदिन लगाया जाए तो उन्हें रोजाना ताजी और शुद्ध सब्जियां मिल सकती हैं।

इस पहल को लेकर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अवधेश राय ने बताया कि बीना क्षेत्र में किसानों के बीच जैविक खेती को लेकर धीरे-धीरे रुचि बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यह बाजार न केवल किसानों की आय बढ़ा रहा है, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित कर रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि बीना का यह साप्ताहिक जैविक हाट बाजार एक सकारात्मक मॉडल के रूप में सामने आया है, जो कृषि और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों में लाभकारी साबित हो रहा है। इस पहल से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
कुल मिलाकर, बीना का यह जैविक हाट बाजार पिछले छह महीनों में किसानों और उपभोक्ताओं के बीच एक मजबूत कड़ी बनकर उभरा है, जो आने वाले समय में जैविक खेती के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।