सागर में बिजली तार चोरी का बड़ा खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार—12 क्विंटल तार सहित 3 लाख का माल बरामद !

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सागर। जिले के बहरोल थाना क्षेत्र में बिजली लाइन डायवर्जन कार्य के दौरान हुई तार चोरी की बड़ी वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से करीब 700 मीटर लंबा तथा लगभग 12 क्विंटल वजनी बिजली तार बरामद किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 3 लाख रुपए बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, यह चोरी उस समय हुई जब बंडा क्षेत्र में बिजली लाइन डायवर्सन का कार्य चल रहा था। कार्य सगोरिया गांव के पास किया जा रहा था। कंपनी के कर्मचारियों ने 4 जून की शाम काम पूरा करने के बाद रोजाना की तरह साइट को छोड़ दिया था और बंडा स्थित अपने निवास पर लौट गए थे। उस समय बिजली लाइन में उपयोग होने वाला तार कार्यस्थल पर ही सुरक्षित रखा गया था।

अगले दिन 5 जून की सुबह जब ठेकेदार अली हुसैन और कर्मचारी शमशेर मौके पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि वहां रखा गया पूरा बिजली तार गायब था। इस घटना की जानकारी तत्काल वरिष्ठ प्रबंधक को दी गई, जिसके बाद मौके का निरीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि अज्ञात चोरों द्वारा लगभग 700 मीटर लंबा मूस विद्युत तार चोरी कर लिया गया है।

मामले की शिकायत कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधक राजवीर सिंह नरूका, निवासी बड़ेर (राजस्थान) द्वारा बहरोल थाने में दर्ज कराई गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को संदिग्धों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर तीन लोगों को हिरासत में लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों में आजिम पिता मोहम्मद असलम मकरानी (32), निवासी अंबेडकर भवन के सामने, कजलीवन टपरा कैंट; शहबाज मोमिन पिता मनीर खान (26), निवासी कजलीवन टपरा कैंट, सागर; तथा संदीप पिता रामसिंह लोधी (20), निवासी ग्राम सगोरिया शामिल हैं।

पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में तीनों आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उन्होंने बिजली तार को चोरी कर बेचने की योजना बनाई थी। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने पूरा चोरी गया तार बरामद कर लिया।

बरामद किए गए तार का वजन लगभग 12 क्विंटल बताया गया है, जबकि इसकी अनुमानित कीमत करीब 3 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों से पूछताछ पूरी करने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से आगे की प्रक्रिया शुरू की गई।

बहरोल थाना प्रभारी धर्मेंद्र लोधी ने बताया कि यह कार्रवाई पुलिस की सतर्कता और त्वरित जांच का परिणाम है। उन्होंने कहा कि बिजली तार चोरी जैसी घटनाएं विकास कार्यों को प्रभावित करती हैं, लेकिन पुलिस ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई कर रही है।

स्थानीय स्तर पर इस घटना के खुलासे के बाद राहत की स्थिति है, क्योंकि बड़ी मात्रा में चोरी गया सरकारी कार्य से जुड़ा सामान सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। वहीं, पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह से अन्य लोग भी जुड़े हो सकते हैं।

कुल मिलाकर, इस कार्रवाई ने न केवल एक बड़ी चोरी का पर्दाफाश किया है, बल्कि यह भी संदेश दिया है कि विकास कार्यों में बाधा डालने वालों पर पुलिस की नजर लगातार बनी हुई है।

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