दमोह जिले के पथरिया ब्लॉक स्थित चंपत पिपरिया गेहूं खरीदी केंद्र पर सामने आई गंभीर अनियमितताओं ने प्रशासन को सख्त रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया है। शनिवार को कलेक्टर प्रताप नारायण यादव और पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने केंद्र का औचक निरीक्षण किया, जिसमें किसानों की शिकायतें सही पाई गईं। इसके बाद कलेक्टर ने तत्काल दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।
किसानों ने लगाए गंभीर आरोप
निरीक्षण के दौरान किसानों ने खुलकर अपनी समस्याएं और आरोप प्रशासन के सामने रखे। किसान श्रीराम पटेल ने बताया कि खरीदी केंद्र पर तुलाई के नाम पर अतिरिक्त गेहूं लिया जा रहा है। साथ ही पल्लेदारी के नाम पर प्रति क्विंटल 100 रुपए तक की अवैध वसूली की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑपरेटर प्रवीण दुबे इस वसूली में सक्रिय रूप से शामिल है।
एक अन्य किसान वृंदावन पटेल ने बताया कि हर किसान से लगभग 5 किलो अतिरिक्त गेहूं ‘सैंपल’ के नाम पर लिया जा रहा है, जो पूरी तरह से गलत है। किसानों ने यह भी कहा कि यदि कोई विरोध करता है, तो उसकी उपज की तुलाई और भुगतान में देरी की जाती है, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ती है।

निरीक्षण में सामने आई तकनीकी गड़बड़ियां
कलेक्टर ने जब खरीदी केंद्र के ऑपरेटर रूम का निरीक्षण किया, तो वहां भी कई गंभीर खामियां सामने आईं। कंप्यूटर रिकॉर्ड की जांच में पाया गया कि 24 अप्रैल की पर्चियां 2 मई को बनाई जा रही थीं, जो पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी को दर्शाता है।
कलेक्टर ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए नाराजगी जताई और कहा कि पहले ही बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि सभी कार्य समय पर और नियमों के अनुसार किए जाएं, लेकिन उनका पालन नहीं किया गया।
दोषियों के खिलाफ एफआईआर के निर्देश
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने मौके पर ही नरसिंहगढ़ चौकी प्रभारी अभिषेक पटेल को बुलाकर वेयरहाउस मालिक विशाल पटेल, समिति प्रबंधक अशोक पटेल, ऑपरेटर प्रवीण दुबे और चौकीदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। साथ ही एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने भी तत्काल कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को चौकी भेजने के निर्देश दिए।
इस दौरान खाद्य अधिकारी प्रिया कोस्टा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे और पूरी कार्रवाई की निगरानी करते रहे।
कलेक्टर का सख्त संदेश
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने स्पष्ट कहा कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे किसी भी स्थिति में अतिरिक्त पैसे न दें और यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी पैसे की मांग करता है, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।

उन्होंने यह भी कहा कि खरीदी केंद्रों पर पारदर्शिता बनाए रखना और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रणाली में सुधार की जरूरत
यह घटना दर्शाती है कि समर्थन मूल्य पर खरीदी की सरकारी व्यवस्था में अभी भी कई खामियां मौजूद हैं। किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बनाई गई योजनाएं तभी सफल होंगी, जब जमीनी स्तर पर ईमानदारी और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि खरीदी प्रक्रिया में डिजिटल निगरानी, नियमित निरीक्षण और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

दमोह के चंपत पिपरिया खरीदी केंद्र पर हुई यह कार्रवाई एक मजबूत संदेश देती है कि प्रशासन अब किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगा। हालांकि, यह भी जरूरी है कि इस कार्रवाई के बाद पूरे जिले के अन्य खरीदी केंद्रों पर भी निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि किसानों को बिना किसी परेशानी के अपनी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
किसानों की मेहनत और विश्वास की रक्षा करना प्रशासन की जिम्मेदारी है, और इस दिशा में उठाए गए ऐसे सख्त कदम निश्चित रूप से सकारात्मक बदलाव की ओर संकेत करते हैं।