गढ़ाकोटा।
आज सांदीपनि शासकीय साबूलाल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गढ़ाकोटा में शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और छात्र हित से जुड़े बहुआयामी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भैया पं. श्री गोपाल भार्गव जी के साथ अन्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के दौरान शासन की महत्वाकांक्षी नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना के अंतर्गत छात्र-छात्राओं को साइकिलें वितरित की गईं। इस योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों की आवागमन सुविधा को सुगम बनाना है, ताकि वे नियमित रूप से विद्यालय आ-जा सकें और शिक्षा से जुड़ाव बना रहे। अतिथियों ने इस योजना को सरकार की दूरदर्शी और सराहनीय पहल बताया।

इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ वृक्षारोपण भी किया गया। अतिथियों ने कहा कि प्रकृति संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और विद्यार्थियों को बचपन से ही पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाना जरूरी है।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण विद्यालय की वार्षिक शालेय पत्रिका “उत्कर्ष” का विमोचन रहा। पत्रिका में विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा, शैक्षणिक उपलब्धियां और विद्यालय की गतिविधियों को समाहित किया गया है। अतिथियों ने बच्चों की लेखनी और सृजनशीलता की सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्होंने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। अतिथियों ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसे मंच विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम पश्चात भैया पं. श्री गोपाल भार्गव जी ने निर्माणाधीन सी.एम. राइज स्कूल गढ़ाकोटा का संबंधित अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, प्रगति और समय-सीमा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को भविष्य में बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें।

इसके बाद लालपुरा विवेकानंद वार्ड में नवनिर्मित शादी घर तथा श्री जगदीश शाला पटेरिया धाम में चल रहे निर्माणाधीन कार्यों का भी अवलोकन किया गया और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
इस अवसर पर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी स्वाती दुबे जी, भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारीगण, पार्षदगण, विद्यालयों के प्राचार्य एवं प्रधानाचार्य, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं, पत्रकार एवं नगर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और विकास के प्रति सामूहिक सहभागिता का सशक्त संदेश दिया।