गैस सिलेंडर लीकेज से भड़की आग, दो कर्मचारी झुलसे, तीन फायर गाड़ियों ने आधे घंटे में पाया काबू !

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सागर शहर के व्यस्त बस स्टैंड क्षेत्र में स्थित होटल रामाश्रम में गुरुवार रात अचानक भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में लपटें होटल की पहली मंजिल तक पहुंच गईं। घटना के दौरान होटल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आसपास के लोग दहशत में आ गए। आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार दूर से दिखाई देने लगा, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। नगर निगम और कैंट क्षेत्र से दमकल की गाड़ियों को बुलाया गया। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तीन फायर फाइटर गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि आगजनी की इस घटना में होटल में काम कर रहे दो कर्मचारी झुलस गए, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के अनुसार होटल रामाश्रम की रसोई में रात के समय खाना बनाने का काम चल रहा था। इसी दौरान गैस सिलेंडर में अचानक लीकेज हो गया। देखते ही देखते गैस ने आग पकड़ ली और कुछ ही क्षणों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। रसोई से उठी आग तेजी से पूरे हिस्से में फैलने लगी। वहां मौजूद कर्मचारियों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेज थी कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगते ही होटल में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। होटल के भीतर मौजूद लोग जान बचाकर बाहर भागे। आसपास मौजूद लोगों ने भी तत्परता दिखाते हुए होटल में फंसे लोगों को बाहर निकालने में मदद की। कई लोगों ने अपने स्तर पर पानी और अन्य संसाधनों से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग लगातार बढ़ती जा रही थी।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और क्षेत्र को खाली कराया गया। एहतियात के तौर पर आसपास के लोगों को भी दूर रहने की सलाह दी गई। बस स्टैंड जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में आग लगने से कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। पुलिस ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था संभाली और दमकल कर्मियों को राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग किया।

नगर निगम और कैंट से पहुंची दमकल की तीन गाड़ियों ने आग बुझाने का अभियान शुरू किया। फायर कर्मियों को आग तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि आग रसोई से ऊपर की ओर फैल रही थी। धुएं और गर्मी के बीच फायर कर्मियों ने लगातार पानी की बौछार कर आग को फैलने से रोका। लगभग आधे घंटे की मेहनत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।

आगजनी की इस घटना में होटल का काफी सामान जलकर नष्ट हो गया। रसोई में रखा खाद्य सामग्री, फर्नीचर और अन्य उपकरण आग की चपेट में आ गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। यदि आग और अधिक फैलती तो होटल के अन्य हिस्सों और आसपास की दुकानों तक भी पहुंच सकती थी।

घटना में झुलसे दोनों कर्मचारियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक जानकारी के अनुसार दोनों को मामूली जलन आई है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। अस्पताल में उनका उपचार जारी है।

मौके पर पहुंचे सीएसपी ललित कश्यप ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण गैस सिलेंडर में लीकेज सामने आया है। उन्होंने कहा कि होटल की रसोई में खाना बनाते समय यह हादसा हुआ। आगजनी में दो कर्मचारी मामूली रूप से झुलसे हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।

सीएसपी ने बताया कि पुलिस द्वारा मामले में पंचनामा कार्रवाई की जा रही है। आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि होटल में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। पुलिस और प्रशासन द्वारा घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि आग की लपटें पहली मंजिल तक पहुंच गई थीं, जिससे कुछ समय के लिए लोगों में भय का माहौल बन गया था। कई लोग अपने मोबाइल फोन से घटना के वीडियो बनाते नजर आए। सोशल मीडिया पर भी घटना के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार रसोई गैस सिलेंडर में लीकेज की घटनाएं अक्सर लापरवाही या सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण होती हैं। होटल और रेस्टोरेंट जैसे स्थानों पर गैस पाइपलाइन, सिलेंडर और अग्निशमन उपकरणों की नियमित जांच बेहद जरूरी होती है। छोटी सी चूक बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

प्रशासन द्वारा भी होटल संचालकों को समय-समय पर सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए जाते हैं। ऐसे स्थानों पर अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास और गैस सुरक्षा व्यवस्था अनिवार्य मानी जाती है। इस घटना के बाद एक बार फिर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

गुरुवार रात हुई इस आगजनी की घटना ने बस स्टैंड क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। हालांकि पुलिस, प्रशासन और फायर ब्रिगेड की तत्परता के चलते बड़ा नुकसान टल गया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और प्रशासन घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रहा है।

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