ग्वालियर में पानी की टंकी में मिला मरा सांप, 19 हजार लोगों की सेहत से खिलवाड़ !

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ग्वालियर शहर में नगर निगम की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसने हजारों लोगों की सेहत पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। शहर के वार्ड क्रमांक 10 स्थित घासमंडी मिर्जापुर मस्जिद इलाके की पानी की टंकी में मरा हुआ सांप मिलने से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि इस टंकी से करीब 19 हजार लोगों के घरों में पानी सप्लाई किया जाता है और लोग पिछले कई दिनों से इसी दूषित पानी का उपयोग कर रहे थे।

घटना सामने आने के बाद क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों ने नगर निगम प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि पानी की टंकी की लंबे समय से साफ-सफाई नहीं की गई थी, जिसके कारण गंदगी जमा हो गई और उसमें मरा हुआ सांप पड़ा मिला।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

पूरे मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया जब घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में एक युवक लकड़ी की सहायता से पानी की टंकी के अंदर से मरे हुए सांप को बाहर निकालता दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि यह घटना शनिवार की है, जबकि वीडियो रविवार को सामने आया।

वीडियो वायरल होते ही इलाके के लोगों में दहशत फैल गई। रहवासियों का कहना है कि वे अनजाने में कई दिनों से यही पानी पी रहे थे। लोगों ने आशंका जताई कि दूषित पानी के कारण कई लोग बीमार भी हो सकते हैं।

रहवासियों ने निगम पर लगाए गंभीर आरोप

स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा पानी की टंकियों की नियमित सफाई नहीं कराई जाती। कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं देते।

रहवासियों का कहना है कि टंकी की हालत काफी खराब थी। अंदर गंदगी जमा थी और सफाई व्यवस्था पूरी तरह लापरवाह नजर आ रही थी। लोगों का आरोप है कि निगम प्रशासन केवल कागजों में सफाई दिखाता है, जबकि जमीनी स्तर पर हालात बेहद खराब हैं।

क्षेत्र के लोगों ने कहा कि पानी जैसी बुनियादी जरूरत में इस प्रकार की लापरवाही बेहद खतरनाक है। यदि समय रहते यह मामला सामने नहीं आता तो हजारों लोगों की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता था।

स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता

विशेषज्ञों के अनुसार, दूषित पानी पीने से कई गंभीर बीमारियां फैल सकती हैं। पानी में मृत जीव मिलने पर बैक्टीरिया और संक्रमण तेजी से फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इससे उल्टी-दस्त, टाइफाइड, पीलिया और पेट से जुड़ी अन्य बीमारियों का खतरा पैदा हो सकता है।

घटना सामने आने के बाद इलाके के लोग पानी की गुणवत्ता को लेकर बेहद चिंतित हैं। कई परिवारों ने फिलहाल पानी का उपयोग बंद कर दिया है और वैकल्पिक व्यवस्था करने को मजबूर हैं।

लोगों ने मांग की है कि टंकी की तत्काल सफाई कराई जाए और पानी के सैंपल की जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पानी पीने योग्य है या नहीं।

नगर निगम की चुप्पी पर सवाल

घटना के बाद नगर निगम अधिकारियों की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। क्षेत्रीय निगम अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे हैं, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर टंकी की साफ-सफाई की जाती और निगरानी रखी जाती, तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। लोगों ने आरोप लगाया कि निगम की अनदेखी के कारण नागरिकों की जान खतरे में डाल दी गई।

पार्षद बोले- मुझे जानकारी नहीं

वार्ड क्रमांक 10 के पार्षद शकील मंसूरी ने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले उन पर हमला हुआ था, जिसमें उन्हें चोटें आई हैं और फिलहाल वे एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं।

पार्षद ने यह भी कहा कि उन्हें टंकी की स्थिति और उसकी सफाई को लेकर कोई जानकारी नहीं है। हालांकि, घटना सामने आने के बाद लोगों ने जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

यह पहला मामला नहीं है जब पानी की टंकी में गंदगी या मृत जीव मिलने की घटना सामने आई हो। करीब दो महीने पहले मानपुर क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनी पानी की टंकी में पांच मरी हुई छिपकलियां मिलने का मामला सामने आया था। उस घटना के बाद भी लोगों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे।

बार-बार ऐसी घटनाएं सामने आने से यह साफ हो रहा है कि शहर में पानी सप्लाई व्यवस्था और टंकियों की मॉनिटरिंग में गंभीर खामियां हैं।

लोगों ने दी आंदोलन की चेतावनी

घटना से नाराज क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द टंकी की सफाई, पानी की जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

लोगों का कहना है कि पानी जैसी जरूरी सुविधा में लापरवाही किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नागरिकों ने मांग की है कि शहर की सभी पानी टंकियों की नियमित जांच और सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

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