मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों और आश्रमों में अध्ययनशीलता तथा देशभक्ति के सकारात्मक वातावरण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अनुशासित और प्रेरणादायक माहौल तैयार किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्देश दिए। बैठक में जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। इस दौरान विभागीय योजनाओं और छात्रावासों के संचालन की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रावासों और आश्रमों के प्रबंधन में जन अभियान परिषद और गायत्री परिवार जैसी सामाजिक संस्थाओं का सहयोग भी लिया जा सकता है, जिससे छात्रों में नैतिक मूल्यों और अनुशासन का विकास हो। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि इन संस्थानों में विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक गतिविधियों का आयोजन किया जाए, जिससे उनमें राष्ट्रभक्ति और सकारात्मक सोच का विकास हो सके।

उन्होंने छात्रावासों में साफ-सफाई, सुरक्षा और भोजन व्यवस्था को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इसके लिए नियमित निरीक्षण और प्रभावी मॉनिटरिंग प्रणाली विकसित की जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छात्रावासों के संवेदनशील प्रबंधन के लिए कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि वे विद्यार्थियों की जरूरतों को समझते हुए बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्रावासों में रहने वाले बच्चों के लिए एक सुरक्षित, स्वच्छ और प्रेरणादायक वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में जनजातीय कार्य विभाग के लगभग 3000 आश्रम और छात्रावास संचालित हैं, जबकि अनुसूचित जाति विकास विभाग के अंतर्गत लगभग 2000 आश्रम और छात्रावास संचालित हो रहे हैं। इन सभी संस्थानों में व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य विभाग गुलशन बामरा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इन निर्देशों से यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार विद्यार्थियों के शैक्षणिक, नैतिक और सामाजिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है और छात्रावासों को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठा रही है।