तेलंगाना के जगतियाल जिले के पेगडापल्ली गांव में 300 आवारा कुत्तों को कथित तौर पर जहरीला इंजेक्शन देकर मार दिया गया। एनिमल राइट्स एक्टिविस्टों का दावा है कि गांव के सरपंच ने दिसंबर 2025 के ग्राम पंचायत चुनावों में जनता से कुत्तों से छुटकारा दिलाने का वादा किया था।
इस मामले में पुलिस ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और संबंधित BNS धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सरपंच ने कुछ लोगों को आवारा कुत्तों को मारने के लिए काम पर रखा था। FIR में सरपंच और ग्राम पंचायत सचिव को दोषी ठहराया गया है।
पुलिस ने दफनाने की जगह से 70 से 80 कुत्तों के शव बरामद किए। अधिकारियों का कहना है कि शवों को लगभग तीन से चार दिन पहले दफनाया गया था। पुलिस ने कहा कि इस स्तर पर आरोपियों की संलिप्तता की पुष्टि नहीं की जा सकती और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

जनवरी में कुत्तों की हत्या के मामले लगातार बढ़े
तेलंगाना में जनवरी 2026 के दौरान आवारा कुत्तों की हत्या के कई मामले सामने आए हैं।
- 14 जनवरी को पहला केस सामने आया।
- पलवंचा मंडल के 5 गांवों — भवानीपेट, पालवंचा, फरीदपेट, वाड़ी और बंदारामेश्वरपल्ली — में बीते दो-तीन दिनों में लगभग 200-300 आवारा कुत्तों की कथित हत्या हुई।
- हनमकोंडा जिले के श्यामपेट और अरेपल्ली गांवों में 6 से 9 जनवरी के बीच लगभग 300 कुत्तों की हत्या की गई। इसमें दो महिला सरपंच और उनके पति समेत नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
इस तरह जनवरी में तेलंगाना में कुल कथित तौर पर 900 आवारा कुत्तों की हत्या हुई।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने कहा कि जांच जारी है और आरोपियों की संलिप्तता की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि पशु क्रूरता और लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है।
एनिमल राइट्स एक्टिविस्टों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और राज्य सरकार से मांग की है कि वह ऐसे मामलों में कड़े कदम उठाए और आवारा जानवरों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।