दमोह शहर में बढ़ते जल संकट को लेकर रविवार देर रात वार्ड क्रमांक 5 के निवासियों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। पानी की लगातार चार दिनों से सप्लाई नहीं होने से नाराज लोगों ने वार्ड की पानी की टंकी के पास एकत्र होकर नगर पालिका के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। स्थिति को देखते हुए पुलिस को मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप करना पड़ा।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले चार दिनों से उनके घरों में पानी की एक बूंद तक नहीं पहुंची है, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी के इस मौसम में जल संकट ने लोगों का जनजीवन प्रभावित कर दिया है। कई परिवारों को पीने के पानी के लिए दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा है, वहीं दैनिक जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है।
प्रदर्शन के दौरान वार्ड पार्षद अभिषेक तिवारी ने भी जनता का समर्थन करते हुए प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला। उन्होंने ‘पानी दो या फांसी दो’ का नारा लगाते हुए नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। पार्षद का कहना था कि जब टंकी के पास ही भारी लीकेज के कारण पानी लगातार बह रहा है, तो फिर लोगों के घरों तक पानी क्यों नहीं पहुंच रहा।

बताया गया कि यह पहली बार नहीं है जब लोगों ने जल संकट के खिलाफ विरोध जताया हो। इससे दो दिन पहले भी वार्डवासियों ने पथरिया फाटक ओवरब्रिज पर करीब दो घंटे तक जाम लगाकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया था। उस समय नगर पालिका के अधिकारियों ने जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
रविवार देर रात जब लोगों का धैर्य जवाब दे गया, तो वे पानी की टंकी के नीचे इकट्ठा होकर प्रदर्शन करने लगे। सूचना मिलते ही देहात थाना प्रभारी अमित गौतम और सागर नाका चौकी प्रभारी विक्रम दांगी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि शुरू में लोग मानने को तैयार नहीं थे, लेकिन बाद में नगर पालिका सीएमओ द्वारा समस्या के जल्द समाधान का आश्वासन दिए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि शहर में पानी की कमी नहीं है, बल्कि खराब प्रबंधन के कारण यह स्थिति उत्पन्न हो रही है। कुछ वार्डों में दिन में दो से तीन बार पानी की आपूर्ति की जा रही है, जबकि कई क्षेत्रों में तीन-तीन दिनों तक पानी नहीं पहुंचता। इस असमान वितरण से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि कृष्णा तिवारी ने बताया कि वार्डवासी लंबे समय से पानी की समस्या झेल रहे हैं। नियमित सप्लाई न होने के कारण उन्हें मजबूरी में प्रदर्शन करना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

इधर, कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर पालिका के पार्षदों और अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में यह बात सामने आई कि शहर में जल संकट मुख्य रूप से कुप्रबंधन के कारण बढ़ा है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां आवश्यक हो वहां नए वाल्व लगाए जाएं, पाइपलाइन की मरम्मत की जाए और लीकेज को तुरंत ठीक किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पानी का वितरण सभी वार्डों में समान रूप से सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी क्षेत्र के लोगों को परेशानी न हो।
गौरतलब है कि नगर पालिका के 39 वार्डों में पहले एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जाती थी, लेकिन अब दो-दो दिन के अंतराल से पानी दिया जा रहा है। इस व्यवस्था ने समस्या को और गंभीर बना दिया है, जिससे लोगों को एक-एक बूंद पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
यह पूरा मामला प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। यदि समय रहते जल वितरण व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में लोगों का आक्रोश और बढ़ सकता है। फिलहाल प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने और समस्या के स्थायी समाधान के प्रयास तेज कर दिए हैं।