सागर जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। बहेरिया थाना क्षेत्र के गुड़ा गांव के पास स्थित एक क्रेशर खदान में नहाने गए सात दोस्तों में से तीन युवक डूब गए। यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही और जोखिम भरे फैसलों का गंभीर परिणाम बनकर सामने आया।
बचाने गए, खुद ही फंस गए
प्रत्यक्षदर्शी आयुष ने बताया कि सभी दोस्त खदान में नहाने पहुंचे थे। तनिश जैसे ही गहरे पानी में गया, वह डूबने लगा। उसे बचाने के लिए पहले अभिषेक कूदा, फिर तेजराम भी पानी में उतर गया। लेकिन पानी की गहराई और स्थिति का अंदाजा न होने के कारण दोनों भी डूबने लगे।

स्थिति और बिगड़ती देख आयुष भी उन्हें बचाने के लिए पानी में गया, लेकिन वह खुद भी डूबने लगा। तभी किनारे पर मौजूद रोहित और मोहित ने सूझबूझ दिखाते हुए अपनी जींस फेंकी। आयुष ने किसी तरह जींस पकड़ ली और उसे बाहर खींच लिया गया। लेकिन बाकी तीन दोस्तों को नहीं बचाया जा सका।
ग्रामीणों की चेतावनी हुई नजरअंदाज
घटना से पहले वहां से गुजर रहे एक ग्रामीण ने युवकों को गहरे पानी में न जाने की सलाह दी थी। लेकिन दोस्तों ने उसकी बात को हल्के में लिया और खदान के अंदर चले गए। यही लापरवाही इस बड़े हादसे की वजह बन गई।
9 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा। एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया और सर्चिंग ऑपरेशन शुरू किया गया। रात करीब 11 बजे तक चले अभियान में 20 वर्षीय अभिषेक का शव बरामद कर लिया गया।
बाकी दो युवक—तनिश और तेजराम—का पता नहीं चल सका, जिसके बाद शनिवार सुबह दोबारा सर्चिंग शुरू की गई। घटनास्थल पर परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही, हर किसी की नजर बचाव दल पर टिकी थी।

सीएम ने जताया दुख
घटना की जानकारी मिलते ही मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
एक सबक, जो जानलेवा साबित हुआ
यह घटना हमें एक गंभीर सबक देती है—अनजान और खतरनाक स्थानों पर बिना सुरक्षा के जाना जानलेवा हो सकता है। खासकर खदान जैसे गहरे जल स्रोतों में, जहां पानी की गहराई और स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है।
दोस्ती निभाने की कोशिश में तीन जिंदगियां खत्म हो गईं, जबकि एक दोस्त किसी तरह बच पाया। आयुष की आंखों के सामने घटी यह घटना शायद जिंदगी भर उसका पीछा नहीं छोड़ेगी।

समाज के लिए चेतावनी
इस तरह के हादसे अक्सर लापरवाही, उत्साह और जोखिम को नजरअंदाज करने के कारण होते हैं। जरूरत है जागरूकता की—ताकि युवा ऐसे खतरनाक कदम उठाने से बचें और अपनी तथा दूसरों की जान सुरक्षित रख सकें।
यह हादसा सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक चेतावनी है कि छोटी सी गलती भी कभी-कभी बहुत बड़ी कीमत मांग लेती है।