‘पंख’ कार्यक्रम से सशक्त होंगे एनजीओ, जिला स्तर पर बनी रणनीति !

Spread the love

सागर जिले में स्वैच्छिक संगठनों (NGO) को सशक्त बनाने और उनके कार्यों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के “पंख” कार्यक्रम के तहत एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों में कार्यरत स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और परिषद के समन्वयकों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक के.वी. द्वारा किया गया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि समाज के समग्र विकास में स्वयंसेवी संगठनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि इन संस्थाओं को सही दिशा और संसाधन मिलें, तो वे शासन की योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचा सकती हैं।

सीईओ विवेक के.वी. ने बैठक में उपस्थित सभी संगठनों से आह्वान किया कि वे जल संरक्षण, नशामुक्ति, बाल विवाह उन्मूलन जैसे सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने “जल गंगा संवर्धन अभियान” और “नशामुक्त भारत अभियान” जैसे प्रमुख कार्यक्रमों में एनजीओ की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इनके माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने आधुनिक चुनौतियों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर फ्रॉड के प्रति जागरूकता फैलाने में भी संस्थाओं से योगदान देने की अपील की।

बैठक की एक प्रमुख उपलब्धि यह रही कि जिले में कार्यरत सभी स्वयंसेवी संगठनों की एक समग्र डायरेक्टरी तैयार करने का निर्णय लिया गया। इस संबंध में राज्य संस्कृति सलाहकार अतुल निझावन ने जानकारी देते हुए बताया कि यह डायरेक्टरी विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत संगठनों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करेगी। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, महिला सशक्तिकरण, बाल विकास, ग्रामीण विकास जैसे विभिन्न विषयों पर काम करने वाली संस्थाओं को शामिल किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि डायरेक्टरी तैयार होने से प्रशासन को यह स्पष्ट जानकारी मिलेगी कि जिले में कौन-सी संस्था किस क्षेत्र में कार्य कर रही है। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा और कार्यों की पुनरावृत्ति से बचा जा सकेगा। साथ ही, यह डायरेक्टरी नए संगठनों को भी प्रेरित करेगी और उन्हें दिशा प्रदान करेगी।

बैठक में जिला समन्वयक केके मिश्रा ने “पंख” कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्य पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से बताया कि किस प्रकार स्वयंसेवी संगठन शासन की योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि परिषद का उद्देश्य इन संगठनों को एक मंच प्रदान करना है, जिससे वे एक-दूसरे के साथ अनुभव साझा कर सकें और सामूहिक रूप से कार्य कर सकें।

बैठक के दौरान विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने कार्यों का परिचय दिया। उन्होंने बताया कि वे किन-किन क्षेत्रों में सक्रिय हैं और किस प्रकार समाज के विभिन्न वर्गों के लिए कार्य कर रहे हैं। इस दौरान कई संस्थाओं ने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में अपने अनुभव साझा किए।

इसके अलावा, विभिन्न शासकीय विभागों से आए अधिकारियों ने भी अपनी योजनाओं की जानकारी दी और एनजीओ से सहयोग की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन और स्वयंसेवी संगठन मिलकर काम करें, तो योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकता है।

कार्यक्रम का संचालन विकासखंड समन्वयक जय सिंह ठाकुर द्वारा किया गया। बैठक में जिले के विभिन्न स्वैच्छिक संगठन, नवांकुर संस्थाएं और परिषद के समन्वयक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम को व्यापक सहभागिता मिली।

इस बैठक के माध्यम से यह स्पष्ट हुआ कि जिला प्रशासन और जन अभियान परिषद स्वयंसेवी संगठनों को सशक्त बनाने के लिए गंभीर प्रयास कर रहे हैं। “पंख” कार्यक्रम के तहत शुरू की गई यह पहल न केवल संगठनों को एक नई दिशा देगी, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

अंततः, NGO डायरेक्टरी तैयार करने का निर्णय सागर जिले में सामाजिक विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इससे न केवल संगठनों के कार्यों को पहचान मिलेगी, बल्कि प्रशासन और समाज के बीच समन्वय भी मजबूत होगा, जिससे विकास की गति और तेज होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *